'25 मिनट का भाषण दिया, आपने देखा कि भाग गए थे'; संसद में PM मोदी के बयान पर राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, ‘हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री ने ट्रंप से कहा कि हम आपसे पूछे बिना तेल और नेचुरल गैस नहीं खरीदेंगे। अगर आप कहोगे कि रूस से नहीं खरीदना है तो हम नहीं खरीदेंगे। अगर आप कहोगे कि ईरान से नहीं खरीदना है तो नहीं खरीदेंगे।’

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से संसद में दिए भाषण को लेकर निशाना साधा है। गुजरात के वडोदरा में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, 'ईरान में युद्ध हो रहा है। आपने देखा था कि प्रधानमंत्री संसद से भाग गए थे। पीएम मोदी ने 25 मिनट का भाषण दिया। आप बताइए कि क्या उन्होंने अमेरिका के खिलाफ कुछ बोला? मैं आपको गारंटी दे रहा हूं, लिखकर रख लो, वह संसद में डिबेट नहीं कर सकते हैं। कंप्रोमाइज्ड हो गए हैं।' इससे पहले, पीएम मोदी ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष से पैदा हुए अप्रत्याशित संकट का प्रभाव लंबे समय तक रहने वाला है जिससे निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तत्पर है।
राहुल गांधी ने कहा, 'हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री ने डोनाल्ड ट्रंप से कहा कि हम आपसे पूछे बिना तेल और नेचुरल गैस नहीं खरीदेंगे। अगर आप कहोगे कि रूस से नहीं खरीदना है तो हम नहीं खरीदेंगे। अगर आप कहोगे कि ईरान से नहीं खरीदना है तो नहीं खरीदेंगे। अगर आप कहोगे कि इराक और वेनेजुएला से नहीं खरीदना है तो हम नहीं खरीदेंगे। आप जो हुक्म करेंगे, हम वही करेंगे।' उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने ट्रेड डील कर भारत का कृषि सेक्टर अमेरिका के लिए खोल दिया। हमारे यहां छोटे खेत होते हैं, वहीं अमेरिका में हजारों एकड़ के बड़े खेत होते हैं। हमारे यहां लोग हाथ से काम करते हैं और वहां बड़ी मशीनों से काम होता है। अगर अमेरिका का माल भारत आने लगा तो हमारे किसान बर्बाद हो जाएंगे।
पीएम मोदी पर राहुल गांधी के गंभीर आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नरेंद्र मोदी और BJP का पूरा फाइनेंशियल स्ट्रक्चर अडानी है। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी ने देशभर के पोर्ट, एयरपोर्ट, सीमेंट कंपनी, सोलर पॉवर, विंड पॉवर और सारा इन्फ्रास्ट्रक्चर अडानी को सौंप दिया। अमेरिका में अडानी पर जो केस है, दरअसल वो नरेंद्र मोदी को धमकाने के लिए है। अमेरिका का मोदी को सीधा मैसेज है कि ज्यादा ऊटपटांग हरकत की तो समझ लेना। ट्रंप ने साफ कहा है कि मैं मोदी का करियर खत्म कर सकता हूं।'
पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके कारण भारत के सामने आई चुनौतियों पर लोकसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस संकट का प्रभाव लंबे समय तक रहने वाला है और इसका सामना देशवासियों को कोरोना संकट की तरह ही करना होगा। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट और व्यावसायिक जहाजों पर हमलों को अस्वीकार्य बताया। प्रधानमंत्री कहा कि इस समस्या का समाधान कूटनीति और बातचीत से ही संभव है। भारत तनाव को कम करने व संघर्ष समाप्त करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में ऊर्जा क्षेत्र में सरकार की तैयारियों के कारण आज हालात से निपटने में मदद मिल रही है।




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