जिस नेता को राहुल गांधी ने कहा था गद्दार, उसे राज्यसभा नहीं भेजेगी BJP! कैबिनेट से भी होगी छुट्टी?
BJP ने रवनीत सिंह बिट्टू को राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया है। रवनीत ने संसद में लगभग 17 साल बिताने के बाद पंजाब की जनता के लिए काम करने की इच्छा व्यक्त की, जिससे संकेत मिलता है कि वह विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए 11 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया। इसमें राजस्थान, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश की सीटों से चुने जाने वाले कैंडिडेट्स हैं। राजस्थान से पार्टी ने सतीश पूनिया, अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाया है। यहां पर तीन सीटें खाली हो रही हैं। कांग्रेस के नीरज डांगी, भाजपा के रवनीत सिंह बिट्टू और भाजपा के राजेंद्र गहलोत के कार्यकाल खत्म हो रहे हैं। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री और कुछ महीने पहले संसद की सीढ़ियों पर राहुल गांधी के साथ हुए ‘गद्दार विवाद’ से खासा चर्चा में आए रवनीत बिट्टू को इस बार भाजपा राज्यसभा नहीं भेज रही है। सूत्रों के अनुसार, बिट्टू को केंद्रीय राजनीति की जगह पंजाब की राजनीति में उतारा जाएगा। इसके संकेत पिछले दिनों रवनीत बिट्टू ने दे भी दिए।
राहुल गांधी ने जब रवनीत को कहा गद्दार
इस साल फरवरी में संसद परिसर में उस समय राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया जब राहुल गांधी ने केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार दोस्त कहकर संबोधित किया। राहुल गांधी का इशारा बिट्टू के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने की ओर था। लोकसभा चुनाव से पहले रवनीत बिट्टू ने भाजपा का दामन थाम लिया था। वह लंबे समय तक कांग्रेस में रहे। इस टिप्पणी के बाद दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसमें बिट्टू ने राहुल गांधी को देश का दुश्मन कहा। इस घटना ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया और भाजपा ने इसे कांग्रेस द्वारा सिख समुदाय के अपमान से जोड़कर मुद्दा बनाया, जबकि कांग्रेस नेताओं ने तर्क दिया कि यह टिप्पणी राजनीतिक दल बदलने के संदर्भ में की गई थी।
पंजाब की राजनीति का दिया संकेत
रवनीत सिंह बिट्टू ने संसद में लगभग 17 साल बिताने के बाद बुधवार को पंजाब की जनता के लिए काम करने की इच्छा व्यक्त की, जिससे संकेत मिलता है कि वह राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्यसभा में उनका कार्यकाल इसी महीने के अंत में समाप्त होने वाला है। बिट्टू ने कहा, "दिल्ली में 17 साल (लोकसभा और राज्यसभा में) हो गए हैं। अब मुझे विधानसभा में आकर पंजाब के लिए काम करने का मन कर रहा है।" नव नियुक्त पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के पदभार ग्रहण करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "हमारा पूरा नेतृत्व आज यहां मौजूद है और पंजाब की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है। हमें कार्य सौंपिए, हम पंजाब की बेहतरी के लिए गांवों, गलियों में जाएंगे और हर घर का दरवाजा खटखटाएंगे।" केंद्रीय रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री बिट्टू ने कहा कि भाजपा ने संसदीय चुनाव हारने के बावजूद उन्हें मंत्री बनाया। बिट्टू की टिप्पणियों ने राजनीतिक हलकों में इस बात पर बहस छेड़ दी कि वह कौन से निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। बिट्टू कांग्रेस के टिकट पर तीन बार लोकसभा सांसद रहे।
कैबिनेट से भी होगी छुट्टी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही केंद्रीय कैबिनेट का विस्तार कर सकते हैं। सूत्रों के हवाले से कई दिनों से ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं। मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों को भी जगह दी जा सकती है। 2024 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद यह मोदी सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार होगा। सूत्रों के मुताबिक, बिट्टू की भी मंत्रिमंडल से छुट्टी हो सकती है। दरअसल, उन्हें इस बार राज्यसभा नहीं भेजा जा रहा है। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में न सिर्फ बिट्टू पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं, बल्कि अगर भाजपा सरकार बनती है तो राज्य सरकार में भी अहम पद मिल सकता है। हालांकि, राज्य में प्रमुख मुकाबला आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच है। वहीं, भाजपा और अकाली दल भी सरकार बनाने का दावा कर रही हैं।




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