हिमंत सरमा लेने ही वाले थे शपथ, तभी गोलियों के साथ दबोचा गया एक आदमी; ऐक्शन में पुलिस
इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, जहाजरानी मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और राजग के 40 से अधिक मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शिरकत कर रहे हैं।

असम में मंगलवार को नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह स्थल से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। खबर है कि उसके पास से कथित तौर पर कुछ गोलियां बरामद की गईं। पुलिस ने यह जानकारी दी। यह घटना सरमा के शपथ लेने के कुछ मिनट पहले ही हुई है। अधिकारियों ने बताया कि खानपारा स्थित पशु चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा जांच के दौरान व्यक्ति के पास से गोलियां बरामद की गईं।
पूछताछ शुरू
एक अधिकारी ने बताया, 'उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उसे बसिष्ठ पुलिस थाने ले जाया जा रहा है।' उन्होंने बताया कि उस व्यक्ति के पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, 'गोलियां बरामद होने से संबंधित परिस्थितियों और क्या इसमें कोई सुरक्षा खतरा शामिल था, यह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।'
शपथ के कुछ मिनट पहले हुई घटना
यह घटना राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य द्वारा हिमंत बिस्वा सरमा को मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाने से कुछ ही मिनट पहले हुई। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, जहाजरानी मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और राजग के 40 से अधिक मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शिरकत कर रहे हैं।
दूसरी बार ली शपथ
सरमा ने मंगलवार को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उनकी मां मृणालिनी देवी, पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा, पुत्र नंदिल विश्व शर्मा और पुत्री सुकन्या शर्मा भी इस दौरान मौजूद थे। भाजपा नेता के साथ शपथ लेने वाले चार विधायकों में भाजपा के अजंता नियोग और रामेश्वर तेली, जबकि उनके सहयोगी दल असम गण परिषद (अगप) के अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के चरण बोरो शामिल हैं।
बोरा, AGP के अध्यक्ष हैं और बोरो, BPF से विधायक हैं। और दोनों NDA की अगुवाई वाली पूर्व सरकार में मंत्री रह चुके हैं। नियोग पिछली सरकार में भी मंत्री थीं। तेली पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रहे हैं, जिन्होंने 2026 के चुनाव में राज्य की राजनीति में वापसी की।
NDA ने असम में रचा इतिहास
असम में एक बार फिर सत्ता संभालने जा रहा भाजपा के नेतृत्व वाला NDA लगातार तीसरी बार राज्य में शासन करने वाला पहला गैर-कांग्रेसी गठबंधन बन गया है। वहीं, सरमा ने भी लगातार दूसरी बार शपथ लेने वाले पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बनकर राजनीतिक इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। राजग लगातार तीसरी बार दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में आया, जिसमें अकेले भाजपा को 82 सीटें मिलीं। उसके सहयोगी, अगप और बीपीएफ को 126 सदस्यों वाली विधानसभा में 10-10 सीटें मिलीं। दूसरी ओर, कांग्रेस सिर्फ 19 सीटें जीत सकी।
साल 2021 के चुनाव में भी भाजपा ने 60 सीटों पर जीत हासिल की और एनडीए को 75 सीट मिलीं। हालांकि, इस चुनाव में उनकी सीटों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। भाजपा ने 82 सीटें जीतीं, जो कांग्रेस को छोड़कर किसी भी पार्टी की अब तक की सबसे अधिक सीटें हैं, जबकि एनडीए गठबंधन के खाते में 102 विधायक आए।




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