बंगाल में TMC विधायक मदन मित्रा के आवास पर छापेमारी, ताला तोड़कर अंदर घुसी पुलिस
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब अधिकारी परिसर में पहुंचे तो मकान पर ताला लगा हुआ था और मित्रा वहां मौजूद नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने ताला तोड़कर इमारत में प्रवेश किया।

पश्चिम बंगाल में पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक मदन मित्रा से जुड़े कमरहाटी स्थित आवास 'उदय विला' पर रविवार दोपहर को तलाशी अभियान चलाया। इस छापेमारी का नेतृत्व बैरकपुर पुलिस कमिश्ररी के पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) द्युतिमान भट्टाचार्य ने किया। दोपहर करीब एक बजे पुलिस का एक बड़ा दस्ता परिसर में पहुंचा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब अधिकारी परिसर में पहुंचे तो मकान पर ताला लगा हुआ था और मित्रा वहां मौजूद नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने ताला तोड़कर इमारत में प्रवेश किया। करीब एक घंटे तक तलाशी लेने के बाद अधिकारियों ने कई दस्तावेज जब्त किए और फिर परिसर पर दोबारा ताला लगाकर वहां से चले गए।
प्रारंभिक जानकारी से संकेत मिलता है कि उदय विला में कमरहाटी विधायक का एक पार्टी कार्यालय है। ऐसे आरोप सामने आए हैं कि यह संपत्ति केंद्र सरकार की एक एजेंसी के स्वामित्व वाली भूमि पर बनी हुई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कथित तौर पर एक केंद्रीय एजेंसी की जमीन पर इस संरचना का निर्माण कैसे किया गया। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि मित्रा कभी-कभी इस आवास पर रुकते हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि वह इस संपत्ति के कानूनी मालिक हैं या नहीं।
तृणमूल कांग्रेस नेता के करीबी सूत्रों ने बताया कि मित्रा वर्तमान में दक्षिण कोलकाता स्थित अपने आवास पर हैं। उनके अनुसार, वह रविवार को तृणमूल कांग्रेस की सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर होने वाली तृणमूल कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए वहां मौजूद हैं।
वहीं, टीएमसी में रविवार को तब हड़कंप मच गया, जब ममता बनर्जी के घर पर बुलाई गई विधायकों की बैठक में 60 विधायक नहीं पहुंचे। इसकी वजह से बैठक को रद्द करना पड़ा। टीएमसी के पास कुल 80 विधायक हैं। हालांकि, बाद में पार्टी की ओर से सफाई पेश की गई कि अभिषेक और कल्याण बनर्जी पर हुए हमले के मामले में तमाम विधायक व्यस्त थे। यही वजह है कि वे मीटिंग में नहीं आ सके। यह बैठक टीएमसी विधायक दल के नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने ममता बनर्जी के घर पर बुलाई थी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की टीएमसी को करारा झटका लगा है। पार्टी 15 साल बाद बंगाल की सत्ता से दूर हुई है। वहीं, भाजपा ने 208 सीटें जीतते हुए पहली बार बंगाल में सरकार बनाई है। शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री बनते ही कई बड़े ऐक्शन लिए। वहीं, टीएमसी में हार के बाद टूट भी देखने को मिल रही है। कई नेताओं ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। भाजपा का दावा है कि आने वाले दिनों में ममता की पार्टी के 50 विधायक और 20 सांसद टीएमसी छोड़ सकते हैं।




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