दुनिया भर में गंभीर ऊर्जा संकट, भारत के लिए चिंताजनक हालात; राज्यसभा में बोले PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध शुरू हुए 3 सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है। इस संघर्ष ने विश्व स्तर पर गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। भारत के लिए यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है क्योंकि युद्ध ने हमारे व्यापार मार्गों को बुरी तरह प्रभावित किया है।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू हुए तीन सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है। इस संघर्ष ने विश्व स्तर पर गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। भारत के लिए यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है क्योंकि युद्ध ने हमारे व्यापार मार्गों को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरकों की नियमित आपूर्ति बाधित हो रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कई जहाज फंस गए हैं, जिन पर बड़ी संख्या में भारतीय कर्मी सवार हैं। सरकार इनकी सुरक्षा और निकासी के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि एनर्जी सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए 41 देशों से ऊर्जा आयात किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि गल्फ देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। उनकी जान-माल और आजीविका की सुरक्षा भारत के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से 3 लाख से अधिक भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जा चुका है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि ऐसी कठिन परिस्थिति में भारत की राज्यसभा को शांति और संवाद का एकजुट संदेश देना चाहिए। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि संसद से दुनिया को एक स्वर में शांति का संदेश जाना चाहिए। भारत हमेशा नागरिकों और ऊर्जा अवसंरचना पर हमलों का विरोध करता रहा है। होर्मुज स्ट्रेट को अवरुद्ध करना अस्वीकार्य है। सरकार कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से समुद्री मार्ग सुरक्षित रखने और भारतीय हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है।
अधिकांश देशों के प्रमुखों से 2 बार बातचीत
राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा कि मैंने पश्चिम एशिया के अधिकांश देशों के प्रमुखों से 2 बार बात की है। हम सभी खाड़ी देशों के साथ निरंतर संवाद में हैं। साथ ही हम ईरान, इजरायल और अमेरिका से भी संपर्क में हैं। हमारा लक्ष्य संवाद और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति की बहाली करना है। उन्होंने कहा, 'हमने उनसे डी-एस्केलेशन और हार्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने के बारे में भी बात की है। व्यावसायिक जहाजों पर हमले और हार्मुज जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग में बाधा डालना अस्वीकार्य है।'
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने नागरिकों, नागरिक बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और परिवहन से संबंधित ढांचे पर हमलों का विरोध किया है। भारत इन युद्ध के समय में भी भारतीय जहाजों के सुरक्षित मार्ग के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा, 'इस संकट के समाधान के लिए भारत ने संवाद का सुझाव दिया है। युद्ध में किसी की भी जान को खतरा मानव जाति के हित में नहीं है, इसलिए भारत का प्रयास सभी पक्षों को शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करना रहा है।'




साइन इन