मित्र के साथ मिलकर शांति और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध, नेपाल में नई सरकार से क्या बोले PM मोदी
पिछले वर्षों में राजनीतिक उथल-पुथल, सरकारों के बार-बार बदलाव और सामाजिक आंदोलनों के बीच यह चुनाव स्थिरता का प्रतीक है। मतदाताओं की भारी भागीदारी और शांतिपूर्ण माहौल ने नेपाल के लोकतंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के लोगों और सरकार को चुनावों के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन पर बधाई दी है। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि नेपाल के भाई-बहनों की ओर से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इतने उत्साह से इस्तेमाल करना हृदयस्पर्शी है। यह नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा में एक ऐतिहासिक पड़ाव है। पीएम मोदी ने इसे नेपाल के लोकतंत्र के लिए गर्व का क्षण बताया। भारत और नेपाल के बीच गहरे संबंधों को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने पड़ोसी देश के रूप में भारत की प्रतिबद्धता दोहराई कि वह नेपाल के लोगों और नई सरकार के साथ मिलकर शांति, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए निकटता से कार्य करेगा।
पीएम मोदी का यह ट्वीट नेपाल के प्रति भारत की सदैव सकारात्मक और सहयोगी नीति को दर्शाता है। भारत हमेशा से नेपाल के लोकतांत्रिक विकास का समर्थन करता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता और विभिन्न चुनौतियों के बावजूद, चुनावों का सही ढंग से संपन्न होना दोनों देशों के लिए सकारात्मक संकेत है। प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से नेपाल के नागरिकों की जीवंत भागीदारी की सराहना की, जो दर्शाता है कि लोकतंत्र की जड़ें वहां मजबूत हो रही हैं।
मतदाताओं की भारी भागीदारी
भारत-नेपाल संबंध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और भौगोलिक रूप से इतने गहरे हैं कि दोनों देश एक-दूसरे की प्रगति में सहभागी बने रहते हैं। नेपाल के चुनावों की सफलता कई मायनों में अहम है। पिछले वर्षों में राजनीतिक उथल-पुथल, सरकारों के बार-बार बदलाव और सामाजिक आंदोलनों के बीच यह चुनाव एक स्थिरता का प्रतीक बनकर उभरा। मतदाताओं की भारी भागीदारी और शांतिपूर्ण माहौल ने नेपाल के लोकतंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है। दोनों देश ओपन बॉर्डर, व्यापार, जल संसाधन और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करते हैं।
रैपर से नेता बने बालेन शाह की नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) आम चुनावों में भारी जीत की ओर अग्रसर है। इस विरोध प्रदर्शन के कारण केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से हटना पड़ा था। खबरों के अनुसार, चुनाव आयोग के पास कुल 165 निर्वाचन क्षेत्रों में से 161 निर्वाचन क्षेत्रों से उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, आरएसपी ने 6 सीटें जीती हैं और 109 अन्य सीट पर आगे चल रही है। हाल ही तक काठमांडू के महापौर रहे बालेन शाह, झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में चार बार के प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल अध्यक्ष ओली के गढ़ में उनसे आगे चल रहे हैं। शाह को अब तक 15 हजार से अधिक वोट मिल गए हैं, जबकि ओली को अब तक केवल 3,300 वोट मिले हैं।




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