ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से गदगद यह देश, संयुक्त रूप से हथियार उत्पादन की जताई इच्छा
भारत द्वारा पाकिस्तान के आतंकवादियों के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर पोलैंड ने अपनी खुशी जाहिर की है। पोलैंड की तरफ से कहा गया कि वह भारत के साथ एडवांस ड्रोन टेक्नोलॉजी में संयुक्त उत्पादन की इच्छा रखता है।

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने दुनिया भर में भारत को एक नई पहचान दी है। इस ऑपरेशन के दौरान भारत में निर्मित हथियार प्रणालियों ने भी अपना जौहर दिखाया था, जिसके जरिए दुनिया ने भारत की हथियार निर्माण क्षमता को परखा था। इनकी सफलता को देखते हुए यूरोपीय देश पोलैंड ने भारत के साथ संयुक्त रूप से रक्षा सामग्री उत्पादन बढ़ाने की इच्छा जताई है। इसमें खासतौर पर पौलेंड अपनी एडवांस ड्रोन टेक्नोलॉजी देने के लिए तैयार है।
पीटीआई से बात करते हुए पौलेंड के मंत्री मिखाल बारोनोव्स्की ने कहा कि पोलैंड के पास निगरानी और विस्फोटक भूमिका दोनों के लिए इस्तेमाल होने वाले दुनिया के कुछ बेहतरीन ड्रोन हैं। यह पूछे जाने पर कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पोलैंड ने भारत के साथ क्या साझा किया था, इसपर बारानोव्स्की ने कहा, ''ये ऐसी क्षमताएं हैं, जिन्हें हम भारत के साथ साझा कर सकते हैं और पहले भी साझा कर चुके हैं। यह ऐसा क्षेत्र है, जिसका विस्तार जारी रह सकता है।''
पौलेंड के मंत्री ने कहा कि वह भारत को केवल एक बाजार नहीं, बल्कि एक रणनीतिक साझेदार के रूप में देखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ''हम भारत को केवल एक बाजार के रूप में नहीं, बल्कि एक साझेदार के रूप में देख रहे हैं, इसलिए मुझे उम्मीद है कि आने वाले महीनों में हम संयुक्त उद्यम के जरिए अधिक उत्पादन कर सकेंगे।'' उन्होंने बताया कि पोलैंड की एक प्रमुख रक्षा कंपनी की भारत में पहले से एक सहायक कंपनी है। डब्ल्यूबी समूह अपनी सहायक कंपनी डब्ल्यूबी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के जरिए ड्रोन क्षेत्र में अपनी 'मेक इन इंडिया' मौजूदगी बढ़ा रहा है।
गौरतलब है कि भारत द्वारा मई 2025 में शुरू किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन के जरिए सटीक हमले किए गए थे। पोलैंड के एक अधिकारी ने कहा कि इस अभियान के दौरान आतंकवादी ढांचे को ध्वस्त करने में पोलैंड के ड्रोन की भूमिका रही।
बारानोव्स्की ने अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पोलैंड यात्रा के बाद संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के इस साल के अंत में भारत आने की संभावना है। बारानोव्स्की ने कहा कि वह आर्थिक संबंधों को ''अच्छे स्तर से बहुत उच्च संभावनाओं वाले स्तर'' तक ले जाने वाले कदमों को लागू करने के लिए व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ जल्द ही भारत लौटने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, ''हमने अभी यूरोपीय संघ (ईयू) और भारत के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) किया है। बातचीत पूरी हो चुकी है। इससे हमें कारोबारी स्तर पर और सरकार के स्तर पर संबंधों को आगे बढ़ाने का एक ढांचा मिलता है।''
होर्मुज स्ट्रेट को प्रभावित करने वाले अमेरिका-ईरान संघर्ष का उल्लेख करते हुए बारानोव्स्की ने शत्रुता समाप्त करने और कूटनीति की राह पर तुरंत लौटने का आह्वान किया। बारानोव्स्की ने कहा, ''हम पहले ही ऊर्जा पर इसका असर देख रहे हैं, चाहे गैस हो या तेल। अगर यह संघर्ष जारी रहता है, तो इसका विश्व की अर्थव्यवस्था पर अभी जो असर दिख रहा है, उससे भी अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।''




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