Jaishankar to US official Landeau statement about making a China like mistake saying India will decide its future US अधिकारी के 'चीन जैसी गलती' वाले बयान पर जयशंकर का पलटवार, कहा- भारत तय करेगा…, India News in Hindi - Hindustan
More

US अधिकारी के 'चीन जैसी गलती' वाले बयान पर जयशंकर का पलटवार, कहा- भारत तय करेगा…

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति क्या होगी यह भारत की क्षमता ही तय करेगी किसी की गलती नहीं। दरअसल, कुछ समय पहले ही एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा था कि यूएस, भारत के साथ वह गलती नहीं करेगा, जो उसने 20 साल पहले चीन के साथ की थी।

Sat, 7 March 2026 04:32 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
share
US अधिकारी के 'चीन जैसी गलती' वाले बयान पर जयशंकर का पलटवार, कहा- भारत तय करेगा…

देश की राजधानी दिल्ली में जारी रायसीना डायलॉग्स में उस वक्त हलचल मच गई थी, जब एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा था कि यूएस भारत के साथ वह गलती नहीं दोहराएगा, जो उसने 20 साल पहले चीन के साथ की थी। दरअसल, यहां पर अमेरिकी अधिकारी का मतलब भारत को आर्थिक क्षेत्र में आगे बढ़ने को लेकर था। अब इस बयान को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच पर भारत का उदय मुख्य रूप से हमारी क्षमताओं के आधार पर होगा।

रायसीना डायलॉग्स में अपनी बात रखते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका पर तंज कसा। उन्होंने कहा, "भारत का उत्थान कैसे होगा, यह भारत ही तय करेगा। यह हमारी ताकत से तय होगा, न कि दूसरों की गलतियों से।"

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:IRIS Dena के डूबने बोले जयशंकर, कहा- हिंद महासागर की वास्तविकता समझना जरूरी

अमेरिकी अधिकारी ने क्या कहा?

इससे पहले अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडोयू ने इसी मंच से हाल ही में कहा था कि अमेरिका, भारत के साथ चीन वाली गलती नहीं दोहराएगा। उन्होंने कहा, "हम भारत के साथ वही गलती नहीं करेंगे जो हमने 20 साल पहले चीन के साथ की थी, जब हमने कहा था कि हम आपको इन सभी बाजारों में विकसित होने देंगे और फिर अचानक आप हमें व्यापार में पीछे छोड़ने लगे।”उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि वह जो भी समझौता करे, वे अमेरिकी लोगों के लिए निष्पक्ष हों, क्योंकि अमेरिकी सरकार को भी अपने नागरिकों के प्रति जवाबदेह होना पड़ता है, जैसे भारत सरकार को अपने नागरिकों के प्रति।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पड़ोसी देशों पर अब हमले नहीं करेगा ईरान, राष्ट्रपति पेजेशकियन ने मांगी माफी
ये भी पढ़ें:मोजतबा खामेनेई को क्यों नहीं बनाया जा रहा ईरान का सुप्रीम लीडर? जानें वजह

दरअसल, यह पूरा मामला हाल में अमेरिका और भारत के बीच हुई डील को लेकर है। इस डील के पहले भारत, अमेरिका के ऊपर ज्यादा टैरिफ लगाता था, जबकि अमेरिका में भारतीय सामान के ऊपर न के बराबर टैरिफ लगाया जाता था। राष्ट्रपति ट्रंप के 'मागा' के बाद अमेरिका ने यह नीति पलट दी है। अब नई व्यापार नीति के तहत अमेरिका भी हम पर टैरिफ लगाता है।

जहां तक बात चीन वाली गलती कि है, तो वह अमेरिका ही था, जिसने चीन को वैश्विक फैक्ट्री बनने में मदद की थी। तमाम कंपनियों को चीन में मैन्यूफैक्चर करने के लिए अमेरिका ने ही अनुमति दी थी। इसकी वजह से आज चीन एक वैश्विक ताकत बनकर उभर रहा है। अमेरिका में भारत के साथ यह प्रक्रिया न दोहराने का विचार काफी समय से चल रहा है, हालांकि यह पहली बार है कि किसी अधिकारी ने भारत की धरती पर खड़े होकर इस तरह की बात की हो।

इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।