इनको बोलने दीजिए, वहां बेचारे के मुंह पर ताला लगा है; ममता बनर्जी के सांसद की PM मोदी ने ली चुटकी
तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी से पीएम मोदी ने लोकसभा में चुटकी ली। पीएम मोदी जब संबोधित कर रहे थे, तब बनर्जी बीच में खड़े होकर कुछ बोल रहे थे। इस पर, पीएम मोदी ने कहा कि अरे भाई, इनको बोलने दीजिए, वहां पर बेचारे के मुंह पर ताला लगा हुआ है। बंगाल में भी कोई बोलने नहीं देता।

महिला आरक्षण बिल पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यहां कुछ लोगों को लगता है कि इसमें पीएम मोदी का राजनैतिक स्वार्थ है। इस पर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी बीच में खड़े हुए और बोलने लगे, जिसके बाद पीएम मोदी ने कुछ ऐसा बोला, जिससे पूरे सदन में ठहाके लगने लगे।
पीएम मोदी ने कहा कि अरे भाई, इनको बोलने दीजिए, वहां पर बेचारे के मुंह पर ताला लगा हुआ है। बंगाल में भी कोई बोलने नहीं देता। पीएम मोदी के इतना बोलते ही सदन में मौजूद सभी सांसद हंसने लगे। पीएम मोदी के पीछे बैठे किरन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल समेत तमाम मंत्री जमकर हंसे। खुद प्रधानमंत्री भी अपनी हंसी नहीं रोक सके। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी हंसते हुए नजर आए। हालांकि, इन सबके बीच कल्याण बनर्जी अपनी सीट पर खड़े होते हुए लगातार बोलते रहे।
पीएम मोदी ने कहा कि अगर इस बात का विरोध करेंगे तो स्वभाविक है राजनैतिक फायदा मुझे होगा, लेकिन अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी फायदा नहीं होगा, यह लिखकर देता हूं। इसलिए हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही यह पारित हो जाए, कल विज्ञापन देकर सबका धन्यवाद करने को तैयार हूं। सबका फोटो छपवाने को तैयार हूं, क्रेडिट आप ले लीजिए। ले लो क्रेडिट। जिसकी फोटो छपवानी है, सरकारी खर्चे से करवा देंगे। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।
प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण अधिनियम संबंधी संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है और जो भी इसका विरोध करेंगे उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' पर यह भी कहा कि इस विषय को राजनीति के तराजू से नहीं तौलना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा, ''राष्ट्र के जीवन में कुछ महत्वपूर्ण पल आते हैं और उस समय समाज की मन:स्थिति और नेतृत्व क्षमता उस पल को 'कैप्चर' करके एक राष्ट्र की अमानत और धरोहर बना देती है। संसदीय इतिहास में आज ऐसा ही एक पल है।''




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