असम पुलिस के पास पहुंचे पवन खेड़ा, पूछताछ के लिए हुए थे तलब; मीडिया से क्या कहा
पवन खेड़ा असम पुलिस की क्राइम ब्रांच के समक्ष पूछताछ के लिए पहुंचे। पवन खेड़ा ने क्राइम ब्रांच के ऑफिस में जाने से पहले मीडिया से बात की और कहा कि मैं जांच में पूरा सहयोग कर रहा हूं। पवन खेड़ा ने कहा, 'मुझे पुलिस ने बुलाया है और उसी के अनुसार यहां आया हूं। हम कानून और अदालत का सम्मान करते हैं।

असम के चीफ मिनिस्टर हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास विदेश में संपत्तियां होने और कई पासपोर्ट का दावा करके फंसे कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा आज असम पुलिस के समक्ष पेश हुए। विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने ऐसा दावा किया था, जिस पर आपराधिक मानहानि का केस दर्ज हुआ था। उनकी असम पुलिस तलाश कर रही थी, जबकि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे थे। गुवाहाटी में बुधवार को पवन खेड़ा असम पुलिस की क्राइम ब्रांच के समय पूछताछ के लिए पहुंचे। पवन खेड़ा ने क्राइम ब्रांच के ऑफिस में जाने से पहले मीडिया से बात की और कहा कि मैं जांच में पूरा सहयोग कर रहा हूं।
पवन खेड़ा ने कहा, 'मुझे पुलिस ने बुलाया है और उसी के अनुसार यहां आया हूं। हम कानून और न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हैं। कानूनी प्रक्रिया के तहत ही मैं यहां आया हूं।' पवन खेड़ा ने कहा कि पूछताछ पूरी होने के बाद मैं मीडिया से विस्तार में बात करूंगा। हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी सरमा भुइंया ने इस मामले में गुवाहाटी क्राइम ब्रांच थाने में केस दर्ज कराया था। पवन खेड़ा पर आरोप है कि उन्होंने गलत बयान दिए। फर्जी दस्तावेज पेश करके धोखाधड़ी की है। इसके अलावा अपमान के इरादे से गलत दावे किए हैं। यह मानहानि का मामला है और सौहार्द खराब करने की कोशिश भी है।
चुनाव के दौरान इस मामले ने खूब तूल पकड़ा था और मीडिया में भी चर्चा में रहा था। पवन खेड़ा की तलाश में असम पुलिस ने उनके दिल्ली स्थित आवास पर भी दबिश दी थी, लेकिन वह मौके पर नहीं मिले थे। इसके बाद पवन खेड़ा को तेलंगाना हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। फिर उन्हें गुवाहाटी हाई कोर्ट जाने को कहा था। पवन खेड़ा वहां भी पहुंचे तो निराशा हाथ लगी और अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज हो गई थी। फिर वह दोबारा शीर्ष अदालत पहुंचे, जहां से उन्हें बड़ी राहत मिली और अग्रिम जमानत दे दी गई थी। इसी के चलते अब पवन खेड़ा पुलिस के समक्ष पेश हुए हैं और फिलहाल उन पर गिरफ्तारी का खतरा नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट में भी हुआ था हिमंत बिस्वा सरमा के बयान का जिक्र
इस केस की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने यह भी कहा था कि यह मामला राजनीतिक अदावत से प्रेरित लगता है। इसलिए पवन खेड़ा की स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा करना जरूरी हो जाता है। बता दें कि हिमंत बिस्वा सरमा ने भी इस मामले में पवन खेड़ा के खिलाफ तीखे बयान दिए थे। इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला राजनीतिक ज्यादा लगता है।




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