Himanta Biswa Sarma Attack After Pawan Khera Get Bail Says I dont Need lessons from Abhishek Manu Singhvi सिंघवी से सीख लेने की मुझे जरूरत नहीं, पवन खेड़ा को बेल मिलने पर हिमंत बिस्वा सरमा का पलटवार, India News in Hindi - Hindustan
More

सिंघवी से सीख लेने की मुझे जरूरत नहीं, पवन खेड़ा को बेल मिलने पर हिमंत बिस्वा सरमा का पलटवार

पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने पर हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मुझे किसी से भी खासकर अभिषेक मनु सिंघवी से लोकतंत्र, सार्वजनिक चर्चा या शिष्टाचार पर सीख लेने की जरूरत नहीं है।

Fri, 1 May 2026 06:19 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
सिंघवी से सीख लेने की मुझे जरूरत नहीं, पवन खेड़ा को बेल मिलने पर हिमंत बिस्वा सरमा का पलटवार

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से शुक्रवार को अग्रिम जमानत मिलने पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे किसी से भी खासकर अभिषेक मनु सिंघवी से लोकतंत्र, सार्वजनिक चर्चा या शिष्टाचार पर सीख लेने की जरूरत नहीं है। शिष्टाचार और वे, ये दोनों कभी एक साथ एक कमरे में नहीं हो सकते। सरमा ने कहा कि अभी तो बस शुरुआत है, अंत नहीं है।

हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, ''यहां असली मुद्दा एक महिला से जुड़ा है, जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन राष्ट्रीय टेलीविजन पर दूसरे देशों के 'जाली' दस्तावेजों का इस्तेमाल करके उनके चरित्र पर कीचड़ उछाला गया है। मुझे पूरा भरोसा है कि अदालतें देर-सवेर इस बात का संज्ञान जरूर लेंगी, और चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल करके एक महिला के चरित्र को बदनाम करने के इस बेशर्मी भरे काम के लिए दोषी को सजा जरूर मिलेगी।''

सरमा ने आगे कहा, ''हां, डॉ. सिंघवी, ऐसे मंच पर बोलना आसान होता है जहां मैं जवाब देने के लिए मौजूद न होऊं। इसे बहस नहीं कहते, यह तो बस एक निष्पक्ष संवाद से बचने का तरीका है, जिसकी वकालत आप खुद कर रहे थे। और मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि यह तो अभी बस शुरुआत है, अंत नहीं। सत्यमेव जयते।''

सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत की पत्नी पर लगाए गए आरोपों से संबंधित मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी और कहा कि मामला राजनीतिक प्रतिशोध से जुड़ा प्रतीत होता है। जस्टिस जे. के. माहेश्वरी और जस्टिस ए. एस. चंदूरकर की पीठ ने कुछ शर्तों के साथ खेड़ा को अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया। अदालत का आदेश शुक्रवार को वेबसाइट पर अपलोड किया गया। इससे पहले गुरुवार को दिन में अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा था। खेड़ा ने आरोप लगाया था कि सरमा की पत्नी के पास कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां हैं।

कांग्रेस ने राहत का किया स्वागत

वहीं, कांग्रेस ने शुक्रवार को मानहानि के मामले में पार्टी नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और कहा कि कानून सर्वोपरि है, चाहे कोई कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला हम सभी को याद दिलाता है कि जब व्यक्तिगत स्वतंत्रता दांव पर होती है तो अदालतें ही हमारी आशा का अंतिम आधार बनी रहती हैं। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया कि वह इस पर पुनर्विचार करें कि क्या किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए खेड़ा के खिलाफ ऐसी भाषा का प्रयोग करना उचित है और उन्हें इस पर खेद व्यक्त करना चाहिए।