Park Circus Violence Shubhendu Adhikari says Attacks on policemen will not be tolerated कश्मीर में पत्थर फेंकना बंद हो गया, बंगाल में भी हो जाएगा; मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की दो टूक, India News in Hindi - Hindustan
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कश्मीर में पत्थर फेंकना बंद हो गया, बंगाल में भी हो जाएगा; मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की दो टूक

शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'मैं आप सभी से अपील करता हूं कि ऐसी घटनाओं को न दोहराएं। यह पहली और आखिरी घटना होनी चाहिए। ऐसी घटनाओं को दोबारा नहीं होने देंगे। अगर ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं, तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।'

Mon, 18 May 2026 08:52 PMNiteesh Kumar भाषा
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कश्मीर में पत्थर फेंकना बंद हो गया, बंगाल में भी हो जाएगा; मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की दो टूक

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमले और तोड़फोड़ की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और अगर ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं, तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा। कोलकाता के तिलजला में हाल में हुई बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन रविवार को हिंसक हो गया था। पार्क सर्कस क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया था, जिसमें कुछ अधिकारी घायल हो गए थे और कई वाहनों को नुकसान पहुंचा था।

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पार्क सर्कस के उपायुक्त कार्यालय का दौरा करने और पुलिस अधिकारियों और घायल कर्मियों से मुलाकात करने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कानून-व्यवस्था की स्थिति के प्रति कड़ा रुख अपनाया। शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि हिंसा में 6 पुलिसकर्मी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दो जवान घायल हो गए थे। उन्होंने कहा कि अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच की निगरानी सीधे पुलिस आयुक्त द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा, 'मैं स्पष्ट संदेश दे रहा हूं कि इस तरह की अशांति, गुंडागर्दी और राष्ट्रविरोधी, समाजविरोधी गतिविधियों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम ऐसी चीजों को जारी नहीं रहने देंगे।'

पुलिस और केंद्रीय बलों के आचरण की प्रशंसा

शुभेंदु अधिकारी ने घायल कर्मियों से मुलाकात की और मीडिया के सामने उनके नाम पढ़े। उन्होंने पुलिस और केंद्रीय बलों के आचरण की प्रशंसा की और कहा कि भीड़ की ओर से उकसाए जाने के बावजूद उन्होंने संयम बरता। उन्होंने कहा, 'मैं घायल पुलिसकर्मियों और सीआरपीएफ जवानों का हालचाल जानने के लिए आया हूं। कल, हमारे सुरक्षा बलों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखी, एक बड़ी घटना को टाला और लोगों की रक्षा की। मैं यहां उन्हें यह बताने आया हूं कि सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।'

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पुलिस बल को राजनीतिक समर्थन का आश्वासन देने का प्रयास करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिसकर्मियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत निडर होकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैंने उनसे कहा है कि उनका गृह मंत्री और मुख्यमंत्री उनके साथ हैं। पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में पूरा विभाग उनके साथ खड़ा है। आप सभी ने अच्छा काम किया है। यह मत सोचिए कि पुराने नियम अब भी लागू होते हैं। अगर कोई यह मानता है कि पुलिस बल बंधे हाथों और पैरों के साथ काम करता रहेगा, तो वे गलत हैं।'

'ऐसी घटनाओं को अब बर्दाश्त नहीं करेंगे'

विरोध प्रदर्शनों के दौरान पथराव के आरोपों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कश्मीर से तुलना की और कहा कि राज्य में ऐसी घटनाओं को अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'राजनीतिक और धार्मिक संगठन पुलिस को सूचित करने के बाद कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं। लेकिन लोगों को इकट्ठा करना, धार्मिक नारेबाजी करना और पत्थर फेंकने की घटनाएं जारी नहीं रह सकतीं। श्रीनगर और कश्मीर में पुलिस पर पत्थर फेंकना अब बंद हो गया है। मुझे विश्वास है कि पश्चिम बंगाल और कोलकाता में भी यह बंद हो जाएगा।'

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रविवार की हिंसा को सुनियोजित बताते हुए सीएम अधिकारी ने दावा किया कि सोशल मीडिया पोस्ट से पूर्व-नियोजित गतिविधियों का संकेत मिलता है। इसमें शामिल लोगों को ऐसी घटनाओं को दोहराने के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'मैं आप सभी से अपील करता हूं कि ऐसी घटनाओं को न दोहराएं। ध्यान से सुनें, यह पहली और आखिरी घटना होनी चाहिए। हम ऐसी घटनाओं को दोबारा नहीं होने देंगे। इसे आखिरी चेतावनी समझें। अगर ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं, तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।' उन्होंने कहा कि सरकारी कार्रवाई केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रहेगी और अधिकारी दोषियों को सजा मिलने तक मामलों की निगरानी करेंगे।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'अगर किसी पुलिसकर्मी को छुआ गया तो यह सरकार कानून का पूरा इस्तेमाल करेगी। हमारी जिम्मेदारी सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। हम दोषियों को सजा दिलाने के लिए पूरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखेंगे।' निष्पक्षता का संदेश देने के उद्देश्य से शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस को राजनीतिक संबद्धता, धर्म, सामुदायिक पहचान या प्रभाव पर विचार किए बिना कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अधिकारी ने कहा, 'पुलिस को कार्रवाई करने से पहले पांच बार सोचने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। यह मत सोचो कि कौन किस पार्टी, धर्म या समुदाय से संबंधित है। कानून के अनुसार कार्रवाई करो।'