पाकिस्तान आसपास भी नहीं, हमारा भविष्य भारत के साथ; ट्रंप की दोस्ती पर US में उठे सवाल
राष्ट्रपति ट्रंप लगातार आसिम मुनीर और पीएम शहबाज शरीफ का जिक्र कर रहे हैं। 8 अप्रैल को सीजफायर के ऐलान में भी उन्होंने इनके नाम लिए थे। वहीं, बुधवार को सीजफायर बढ़ाने का क्रेडिट भी पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख और पीएम को दिया था।

अमेरिका के पूर्व मंत्री भारत और पाकिस्तान में से रिश्तों के लिए भारत का चुनाव कर रहे हैं। हाल ही में अमेरिका के पूर्व उप विदेश मंत्री कर्ट एम कैम्पबेल ने कहा कि अमेरिका के हित नई दिल्ली में बसते हैं और पाकिस्तान इसके आसपास भी नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर से करीबी बढ़ाते नजर आ रहे हैं।
हडसन इंस्टीट्यूट में आयोजित कार्यक्रम में कैम्पबेल ने कहा, 'दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता भारत और अमेरिका के बीच करीबी रिश्तों से मजबूत हुई है। हमारे सभी रणनीतिक हित दिल्ली में हैं। हम पाकिस्तान के साथ कोई समस्या नहीं चाहते, लेकिन हमारी दिलचस्पी भारत में ही है। मुझे बातचीत के रास्तों से कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन हमारा भविष्य भारत के साथ ही जुड़ा है।' उन्होंने कहा, 'भारत के साथ रिश्ता 'बड़े अक्षरों' में है, जबकि पाकिस्तान का तो पैराग्राफ में जिक्र तक नहीं आता।' उन्होंने भारत के साथ अमेरिका के ताजा रिश्तों की स्थिति पर भी चिंता जाहिर की है।
ट्रंप कर रहे हैं तारीफ
राष्ट्रपति ट्रंप लगातार आसिम मुनीर और पीएम शहबाज शरीफ का जिक्र कर रहे हैं। 8 अप्रैल को सीजफायर के ऐलान में भी उन्होंने इनके नाम लिए थे। वहीं, बुधवार को सीजफायर बढ़ाने का क्रेडिट भी पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख और पीएम को दिया था। इसके अलावा ईरान मामले में वह लगातार पाकिस्तान के प्रयासों की तारीफ कर रहे हैं।
ट्रंप ने कहा था, 'इस तथ्य के आधार पर कि ईरान की सरकार गंभीर रूप से आंतरिक मतभेदों से जूझ रही है और पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर तथा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर हमसे कहा गया है कि हम ईरान पर अपने हमले को तब तक रोकें, जब तक उसके नेता और प्रतिनिधि समेकित प्रस्ताव तैयार नहीं कर लेते।'
16 अप्रैल को ट्रंप ने संकेत दिए थे कि अगर ईरान के साथ समझौता होता है, तो वह पाकिस्तान जा सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा था, 'फील्ड मार्शल बहुत अच्छे हैं। पाकिस्तान में प्रधानमंत्री भी बहुत अच्छे हैं, इसलिए शायद मैं जाऊं। वे मुझे चाहते हैं।'
दूसरे कार्यकाल में बदले ट्रंप के सुर
अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर अपने पहले कार्यकाल में पाकिस्तान पर झूठ और धोखे के आरोप लगा चुके ट्रंप अब अलग रुख अपना रहे हैं। इसकी शुरुआत वाइट हाउस में सेना प्रमुख मुनीर को न्योता देने से हुई। इसके बाद उन्होंने फील्ड मार्शल की तारीफ भी की थी।




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