ममता बनर्जी को पस्त करने के लिए किसके इंतजार में TMC के बागी? नंबर गेम काफी नहीं
तृणमूल में उथल-पुथल के बीच पार्टी के 19 लोकसभा सांसदों के नाम और साइन वाली एक लिस्ट ऑनलाइन सामने आई है। हालांकि, जानकारी के मुताबिक यह लेटर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को नहीं सौंपी गई है।

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में मचे सियासी भूचाल के बीच ममता बनर्जी से बागी हुए TMC सांसदों की एक लिस्ट शुक्रवार को सामने आ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक लोकसभा में टीएमसी के 28 में से 19, यानी दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है। कागजी तौर पर यह संख्या दलबदल विरोधी कानून से बचने और संसद में एक अलग गुट के रूप में मान्यता पाने के लिए काफी है। हालांकि इसके बावजूद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाला यह बागी खेमा लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के पास अपनी औपचारिक अर्जी भेजने में देरी कर रहा है। इसके पीछे एक बड़ी वजह है।
इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट्स के मुताबिक नंबर गेम पक्ष में होने के बावजूद बागी गुट एक बड़े दिग्गज नेता का इंतजार कर रहा है। बता दें कि इससे पहले जिन 19 सांसदों के दस्तखत वाली चिट्ठी सामने आई है उसमें काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, यूसुफ पठान, रचना बनर्जी, सायोनी घोष, दीपक अधिकारी और जून मलिया जैसे बड़े नाम शामिल हैं। हालांकि गुट अब भी एक हेवीवेट नेता की तलाश में है।
क्यों है बड़े नेता की तलाश?
इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि टीएमसी के बागी सांसद अपने ऊपर ‘बैकबेंचर्स’ का ठप्पा नहीं लगवाना चाहते। अगर बगावत में सिर्फ पहली बार के सांसद या अभिनेता और क्रिकेटर जैसे ग्लैमरस चेहरे ही शामिल होते हैं, तो पार्टी नेतृत्व इसे नाराज जूनियरों नेताओं का गुस्सा कहकर खारिज कर सकता है। हालांकि अगर कोई पुराना और दिग्गज सांसद साथ आता है, तो इस बगावत को दबाना नामुमकिन हो जाएगा।
इसके अलावा एक कद्दावर पुराने नेता के आने से यह साबित होगा कि असंतोष केवल व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि पार्टी को चलाने के तरीके को लेकर है। एक अन्य वजह यह है कि जब कोई बहुत बड़ा नाम पाला बदलता है, तो पार्टी में दुविधा में फंसे दूसरे नेता भी बिना डरे बागियों के पाले में कूदने को तैयार हो जाते हैं। ममता के बागियों की किसी ऐसे ही सांसद का इंतजार है।
कल्याण बनर्जी बनेंगे ‘टीएमसी के शिंदे’?
इस बीच तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी के भतीजे के खुलकर नाराजगी जताई है। ऐसे में चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि क्या कल्याण बनर्जी भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ कर महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की तरह बागी गुट का नेतृत्व कर सकते हैं। यह चर्चाएं तब शुरू हुईं जब कल्याण बनर्जी ने बेहद सख्त लहजे में कहा है कि ममता बनर्जी को उनमें और अभिषेक बनर्जी में से किसी एक को चुनना होगा। उन्होंने कहा है कि वे अभिषेक बनर्जी का अहंकार बर्दाश्त नहीं कर सकते।
कौन-कौन हुए बागी?
शुक्रवार को सार्वजनिक हुए पत्र में टीएमसी के 19 सांसदों के नाम हैं। ये नाम हैं-
काकोली घोष दस्तीदार
सायोनी घोष
यूसुफ पठान
सताब्दी रॉय
बापी हलदर
डॉ शर्मिला सरकार
प्रसून बंद्योपाध्याय
अबू ताहिर खान
मिताली बैग
माला रॉय
कालीपद सोरेन
दीपक अधिकारी
जून मालिया
पार्थ भौमिक
जगदीश बर्मा बसुनिया
असित कुमार मल
अरूप चक्रवर्ती
रचना बनर्जी
खलीलुर्रहमान




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