अब असम में चला EC का चाबुक, चुनाव कार्य से हटाए गए पांच IPS अफसर; आदेश में क्या?
आयोग ने एक दिन पहले रविवार को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडू और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए आम चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा की थी। इसके साथ ही इन राज्यों में आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गयी है।

पश्चिम बंगाल के बाद अब चुनाव आयोग का चाबुक असम में चला है। आगामी असम विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत आयोग ने राज्य में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के पांच अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं और उनकी जगह नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। आयोग ने यह कदम चुनावी तैयारियों की समीक्षा के बाद उठाया है, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित हो सके। आयोग ने हटाए गए पांचों IPS अफसरों को चुनावी ड्यूटी से भी वंचित कर दिया है।
किन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
चुनाव आयोग द्वारा 16 मार्च को जारी आदेश के अनुसार, सोमालिन शुभदर्शिनी (IPS-2019) को SSP माजुली के पद पर तैनात किया गया है, जो इस पद पर पहले से तैनात अधिकारी की जगह लेंगी। इनके अलावा आर शीतल कुमार (IPS-2020) को SSP दक्षिण सलमारा के पद पर तैनात किया गया है, जो मृणाल डेका (APS) की जगह लेंगे। इसी तरह अंचल चौहान (IPS-2020) को SSP सादिया के पद पर तैनात किया गया है; सुधाकर सिंह (IPS-2013) को SSP चिरांग के पद पर; और मोहन लाल मीणा (IPS-2016) को SSP धेमाजी के पद पर तैनात किया गया है, जो स्वप्ननील डेका (APS) की जगह लेंगे, जो पहले इस पद पर तैनात थे।
तत्काल प्रभाव से आदेश लागू
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि ये सभी नियुक्तियां तुरंत प्रभाव से लागू की जाएं। साथ ही जिन अधिकारियों को उनके पदों से हटाया गया है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव संबंधी कार्य में शामिल नहीं किया जाएगा। चुनाव आयोग आमतौर पर चुनाव से पहले प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादले करता है ताकि स्थानीय प्रभाव या हितों के टकराव से बचा जा सके और चुनाव निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो सके।
बंगाल में तबादले पर सियारी रार
बता दें कि आयोग ने इससे पहले पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। आयोग के इस कदम पर वहां सियासी लड़ाई छिड़ गई है। विपक्षी दलों ने आयोग पर केंद्र में भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया, वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संसद परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि जिन राज्यों में भाजपा सत्ता में नहीं है, वहां अधिकारियों को दिया जाता है।
एक दिन पहले ही लगी आचारसंहिता
आयोग ने एक दिन पहले रविवार को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडू और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए आम चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा की थी। इसके साथ ही इन राज्यों में आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गयी है। चुनाव आयोग ने चुनावी राज्यों के मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं। यह आचार संहिता संबंधित राज्यों के संदर्भ में केंद्र सरकार पर भी लागू होगी, विशेष रूप से नई घोषणाओं और नीतिगत फैसलों के मामले में।




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