भाजपा में नहीं भविष्य...तमिलनाडु के पूर्व BJP चीफ का बड़ा दावा; पार्टी छोड़ने पर CM विजय को भी बताया बड़ी वजह
सूत्रों ने बताया कि 41 वर्षीय IPS अधिकारी से नेता बने अन्नामलाई को राज्यसभा की एक सीट की पेशकश की गई थी लेकिन अन्नामलाई ने इस पेशकश को ठुकरा दिया।

केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तमिलनाडु इकाई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि भाजपा में अब उनका कोई भविष्य नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके लिए इस पार्टी में अब कोई मौका भी नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कहा जा रहा है कि वो मंगलवार (02 जून) को पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं और अपनी पार्टी का ऐलान कर सकते हैं। सूत्रों के हवाले से NDTV की रिपोर्ट में कहा गया है कि अन्नामलाई सोमवार या मंगलवार को भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात करेंगे और उसके बाद पार्टी छोड़ने का ऐलान कर सकते हैं।
पार्टी से नाराजगी और नया राजनीतिक संगठन बनाने की संभावनाओं को लेकर लगायी जा रही अटकलों के बीच सोमवार को अन्नामलाई ने कहा कि आगामी दो दिन में वह अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे। अन्नामलाई ने दिल्ली रवाना होने से पहले चेन्नई हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान नई राजनीतिक पार्टी बनाने की अटकलों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह दो दिनों में जवाब देंगे और अपना रुख स्पष्ट करेंगे। दिल्ली की फ़्लाइट पकड़ने के लिए चेन्नई एयरपोर्ट पर अन्नामलाई ने पत्रकारों के एक समूह से कहा, “कृपया इंतज़ार करें। हम दो दिन में बैठकर बात करेंगे।”
गाड़ी में BJP का झंडा नहीं
यहां एक दिलचस्प बात यह भी है कि अन्नामलाई जिस गाड़ी से एयरपोर्ट पहुंचे थे, उस पर BJP का झंडा नहीं लगा था। यह घटनाक्रम तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लगभग एक महीने बाद सामने आया है, जिसमें भाजपा 234 सदस्यों वाली विधानसभा में सिर्फ़ एक सीट जीत पाई थी। सूत्रों ने बताया कि 41 वर्षीय IPS अधिकारी से नेता बने अन्नामलाई को राज्यसभा की एक सीट की पेशकश की गई थी लेकिन अन्नामलाई ने इस पेशकश को ठुकरा दिया। घटनाक्रम से परिचित एक सूत्र ने बताया, “अन्नामलाई को लगता है कि BJP में उनके लिए कोई मौका और भविष्य नहीं है।”
विजय की जीत के बाद बदली रणनीति?
अन्नामलाई के करीबी सूत्रों ने बताया कि उनका मानना है कि हालिया चुनाव में अभिनेता से नेता बने थलापति विजय के एक बड़ी राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरने के बाद तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में एक बुनियादी और बड़ा बदलाव आया है। बकौल अन्नालाई सूत्र ने कहा, "आज विजय का मुकाबला करने वाला कोई नेता नहीं है। द्रविड़ युग अब समाप्त हो चुका है। अब सिर्फ़ भाषा से जुड़े मुद्दों पर आधारित राजनीति नहीं चलेगी। राज्य की राजनीति बदल चुकी है।"
भाजपा नेतृत्व से नहीं चाहते टकराव
सूत्रों ने बताया कि अन्नामलाई इस कमी को एक अवसर के रूप में देख रहे हैं। इसके साथ ही वह यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि भाजपा से उनकी विदाई "सौहार्दपूर्ण" रहे और इससे पार्टी नेतृत्व के साथ कोई सार्वजनिक टकराव पैदा न हो। बता दें कि सालभर पहले भाजपा ने तमिलनाडु चुनावों की सुगबुगाहट से पहले ही अन्नामलाई को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया था।
4 जून को अन्नामलाई का जन्मदिन
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अन्नामलाई सीधे राजनीतिक पार्टी बनाने के बजाय पहले एक बड़ा जन आंदोलन शुरू करेंगे। इस आंदोलन का मकसद समान विचारधारा वाले लोगों को जोड़ना और एक मजबूत वॉलंटियर नेटवर्क तैयार करना है। यह अभियान काफी बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा, जिसमें अलग-अलग सामाजिक और प्रोफेशनल बैकग्राउंड के युवाओं को जोड़ने की तैयारी है। इसके संकेत इससे भी मिलते हैं कि 4 जून को अन्नामलाई का जन्मदिन है और उससे पहले, चेन्नई की मुख्य सड़कों और गलियों में "हमारे नेता, आओ और हमारा नेतृत्व करो" जैसे नारों वाले पोस्टर लगाए गए हैं।




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