BJP को बड़े झटके के आसार, अन्नामलाई पार्टी छोड़कर नए दल का करने वाले हैं ऐलान?
कहा जा रहा है कि अन्नामलाई भाजपा के AIADMK के साथ गठबंधन के भी खिलाफ थे। हालांकि, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उन्होंने खुलकर एनडीए के लिए प्रचार किया था। खास बात है कि अन्नामलाई को कुछ समय पहले ही प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया था और नैनार नागेंद्रन को जिम्मेदारी दी थी।

भारतीय जनता पार्टी की तमिलनाडु इकाई में बड़े उथल-पुथल के आसार हैं। अटकलें हैं कि पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई भाजपा छोड़ सकते हैं। साथ ही कहा जा रहा है कि वह नए दल का भी ऐलान कर सकते हैं। हालांकि, इन अटकलों को लेकर अन्नामलाई ने आधिकारिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ये चर्चाएं ऐसे समय पर हो रही हैं, जब कहा जा रहा है कि अन्नामलाई को भाजपा में बड़ी भूमिका दी जा सकती है।
अन्नामलाई की नई पार्टी?
न्यूज18 की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि अन्नामलाई भाजपा छोड़ने और नई पार्टी बनाने पर विचार कर रहे हैं। दरअसल, इसके संकेत उनके समर्थकों की सक्रियता से भी मिल रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर पार्टी के नामों और झंडे की डिजाइन्स को लेकर पोस्ट कर रहे हैं। हालांकि, खुद अन्नामलाई ने इसे लेकर प्रतिक्रिया नहीं दी है।
क्या भाजपा से नाराज हैं अन्नामलाई?
हाल ही में अन्नामलाई ने तीन भाषा मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार से अलग रुख अपनाया था। मई में उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से कक्षा नौ के छात्रों के लिए तीन भाषाओं को अनिवार्य बनाने वाली अधिसूचना को वापस लेने का आग्रह किया था। अन्नामलाई ने मंत्रालय से आग्रह किया कि वह वर्ष 2029-30 शैक्षणिक वर्ष से तीन भाषाएं (जिनमें से दो भारतीय भाषाएं हों) शुरू करने की अपनी पूर्व प्रतिबद्धता पर कायम रहे।
दरअसल, CBSE यानी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 15 मई, 2026 को सभी संबद्ध विद्यालयों को एक अधिसूचना जारी कर वर्तमान शैक्षणिक वर्ष से कक्षा नौ के छात्रों के लिए तीसरी अनिवार्य भाषा शुरू करने की घोषणा की, जो पूर्व में 2029-30 सत्र से लागू किए जाने की निर्धारित समय सीमा से काफी पहले है।
अन्नामलाई ने कहा कि अप्रैल 2026 में जब सीबीएसई ने घोषणा की कि कक्षा छठी के छात्रों के लिए तीन भाषाएं अनिवार्य होंगी जिनमें से दो भारत की मूल भाषाएं होनी चाहिए, तो उन्होंने भी इस निर्णय का स्वागत किया था।
AIADMK के साथ गठबंधन पर भी थे नाराज
कहा जा रहा है कि अन्नामलाई भाजपा के AIADMK के साथ गठबंधन के भी खिलाफ थे। हालांकि, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उन्होंने खुलकर एनडीए के लिए प्रचार किया था। खास बात है कि अन्नामलाई को कुछ समय पहले ही प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया था और नैनार नागेंद्रन को जिम्मेदारी दी थी। हाल में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा खास प्रदर्शन नहीं कर सकी थी।
फिलहाल, राज्य में मुख्यमंत्री सी जोसेफ की अगुवाई वाली गठबंधन की सरकार है। कहा जा रहा है कि अन्नामलाई सीएम विजय सरकार के बड़े आलोचक हैं।
भाजपा देने वाली है बड़ी जिम्मेदारी
अटकलें ये भी हैं कि अन्नामलाई को दिल्ली में कोई पद दिया जा सकता है। हालांकि, अब तक भाजपा ने इसकी कोई घोषणा नहीं की है। चर्चाएं थीं कि उन्हें आंध्र प्रदेश से राज्यसभा भी भेजा जा सकता है। साल 2021 से 2025 तक अन्नामलाई ने तमिलनाडु में भाजपा की कमान संभाली। पार्टी लंबे समय से दक्षिण भारतीय राज्य में सियासी जमीन तलाश रही है, लेकिन अब तक खास सफलता नहीं मिली है।




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