क्या इजरायल में फिलिस्तीन पर बात करेंगे PM मोदी? रक्षा पर होगा फोकस, संसद संबोधन पर नजरें
2017 में PM मोदी की पहली इजरायल यात्रा के बाद नेतन्याहू ने जनवरी 2018 में भारत की यात्रा की थी। 2023 में दोबार चुनाव जीतने में PM मोदी ने नेतन्याहू को फोन पर उन्हें छठी बार प्रधानमंत्री बनने के लिए शुभकामनाएं दी थीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बुधवार से शुरू हो रही दूसरी इजरायल यात्रा बेहद महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण है। इस यात्रा के दौरान इजरायल के साथ कुछ महत्वपूर्ण रक्षा सामग्री जैसे ड्रोन, बैलेस्टिक मिसाइलों आदि के सह उत्पादन पर बात बन सकती है। यात्रा ऐसे वक्त में हो रही है जब मध्य पूर्व में अशांति का माहौल बना हुआ है और इजरायल दुनिया में अलग-थलग पड़ा है। ऐसे में भारत के लिए यह चुनौती होगी कि उसकी विदेशी नीति इजरायल की तरफ झुकती हुई नहीं दिखे।
2017 में पहली बार गए थे PM मोदी
2017 में PM मोदी जब इजरायल गए थे तो यह भारत के प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। उसके बाद PM मोदी-नेतन्याहू के रिश्ते मजबूत होते रहे और इसके चलते विपक्ष ने सरकार को निशाने पर भी लिया कि फिलिस्तीन को लेकर भारत की नीति में बदलाव आ रहा है। हालांकि सरकार ने कई मौकों पर इसे दोहराया है कि वह संप्रभु और स्वतंत्र फिलिस्तीन की नीति पर कायम है। सूत्रों की मानें तो PM मोदी अपने संबोधन में पुन: इसका जिक्र वहां कर सकते हैं। वे इजरायल की संसद नेसेट को भी संबोधित करेंगे।
PM मोदी की पहली यात्रा के दौरान इजरायल के साथ संबंधों को रणनीतिक भागीदारी के रुप में बदला गया था। इस यात्रा के दौरान संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने की संभावना है।
नेतन्याहू और PM मोदी के बीच होता रहा है संवाद
2017 में PM मोदी की पहली इजरायल यात्रा के बाद नेतन्याहू ने जनवरी 2018 में भारत की यात्रा की थी। 2023 में दोबार चुनाव जीतने में PM मोदी ने नेतन्याहू को फोन पर उन्हें छठी बार प्रधानमंत्री बनने के लिए शुभकामनाएं दी थीं। इसके बाद लगातार दोनों नेताओं के बीच संवाद कायम रहा है। दोनों देश आतंकवाद के शिकार रहे हैं तथा उन्होंने आतंक के सभी सभी स्वरूपों एवं उनके समर्थकों के खिलाफ समान दृष्टिकोण रखा है।
दोनों देशों के बीच पिछले साल एक रक्षा सहयोग समझौता हुआ था। तब रक्षा सचिव इजरायल गए थे। इस समझौते के तहत दोनों देशों के बीच रक्षा तकनीकों के सह उत्पादन पर फोकस है। सूत्रों के अनुसार पीएम की बैठक के दौरान भी रक्षा तकनीकों के सह उत्पादन का मुद्दा उच्च प्राथमिकता में रहेगा। इसमें बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन प्रमुख रूप से शामिल है।
इजरायल में 41 हजार भारतीय
इजरायल में 41 हजार भारतीय हैं जो सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती प्रधान कर रहे हैं। इनमें से 20 हजार 2023 के बाद दोनों देशों के बीच हुए एक समझौते के तहत रोजगार के लिए वहां गए हैं। आवागमन को बढ़ाने के लिए भी बात होगी।
भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा करेंगे और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा एवं सुरक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, व्यापार एवं अर्थव्यवस्था तथा जन-जन आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों पर चर्चा करेंगे। नेताओं द्वारा पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री इजरायल के राष्ट्रपति महामहिम इसहाक हर्जोग से भी मुलाकात करेंगे।




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