तमिलनाडु में अजब-गजब खेल, विजय को मिला विपक्षी DMK-VCK और CPI का साथ; अब क्या करेंगे राज्यपाल?
विजय के पक्ष में मोर्चा संभालने वालों में सबसे आगे उनके साथी अभिनेता-राजनेता कमल हासन हैं। उन्होंने कहा कि विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित न करके, गवर्नर जनादेश का अपमान कर रहे हैं।

तमिलनाडु की सियासी लड़ाई अब एक अजीब मोड़ पर पहुंच गई है, जहां सरकार बनाने की कोशिशों में जुटे TVK चीफ थलापति विजय को अब DMK, VCK, CPI और MNM जैसी विरोधी पार्टियों का साथ मिल गया है लेकिन इस खेल में पेच यह है कि इन दलों का साथ पाकर भी विजय सरकार नहीं बना पा रहे हैं। दरअसल, इन दलों ने विजय का इसलिए समर्थन किया है ताकि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर पर निशाना साधा जा सके, जो विजय को सरकार बनाने का न्योता नहीं दे रहे हैं। केंद्र और राज्यपाल के खिलाफ लड़ाई में इन दलों ने विजय का साथ दिया है।
चुनाव परिणाम आए 72 घंटों से ज्यादा हो गए। इस दौरान दो दिनों में दो बार विजय गवर्नर से मिल चुके हैं और दोनों बार लोक भवन से उन्हें सरकार बनाने का न्योता नहीं मिल पाया है। इससे तमिलनाडु के राजनीतिक दल भड़क उठे हैं और इसे तमिलानडु के जनादेश का अपमान बता रहे हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि आमतौर पर एक-दूसरे के विरोधी रहने वाले कई दलों ने अब खुलकर इस मुद्दे पर विजय का समर्थन किया है। इन पार्टियों ने राज्यपाल के आचरण को अस्वीकार्य और जनादेश का अपमान बताया है।
पहले बहुमत साबित करें, फिर शपथ ग्रहण
बता दें कि विजय की TVK ने अपने पहले ही चुनाव में 108 सीटें जीतीं, और तमिलनाडु में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालाँकि, पार्टी 118 के जादुई आँकड़े तक नहीं पहुँच पाई। कांग्रेस के समर्थन से पार्टी ने अब तक 113 विधायकों का आंकड़ा जुटाया है, जो बहुमत के निशान से अभी भी 5 कम हैं। रिपोर्टों के अनुसार, गवर्नर ने विजय से साफ लहजे में कहा है कि विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने से पहले अपना बहुमत साबित करें। गवर्नर के इस रुख पर विजय और अन्य पार्टियों ने तर्क दिया है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य विधानसभा के पटल पर उनका बहुमत साबित किया जाना चाहिए न कि लोक भवन में।
गवर्नर जनादेश का अपमान कर रहे
विजय के पक्ष में मोर्चा संभालने वालों में सबसे आगे उनके साथी अभिनेता-राजनेता कमल हासन हैं। उन्होंने कहा कि विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित न करके, गवर्नर जनादेश का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "मेरे भाई, श्री MK स्टालिन ने घोषणा की है, 'हम जनता के फ़ैसले का सम्मान करते हैं; हम एक ज़िम्मेदार विपक्ष के तौर पर काम करेंगे। मैं उनकी राजनीतिक समझ का सम्मान करता हूँ। जो लोग अभी संवैधानिक पदों पर हैं, उन्हें भी अब वही फ़र्ज़ निभाना चाहिए। यह कोई माँग नहीं है, बल्कि उनके संवैधानिक दायित्व की याद दिलाना है।"
जनता के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए
उन्होंने आगे लिखा, "श्री विजय के नेतृत्व वाली TVK ने 108 सीटें जीती हैं। उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित न करना, तमिलनाडु की जनता के जनादेश का अपमान करने जैसा होगा। 233 चुने हुए सदस्य अभी तक अपनी शपथ नहीं ले पाए हैं। यह राज्य का अपमान है; यह लोकतंत्र को पहुँचाया गया नुकसान है।" 'मक्कल निधि मय्यम' प्रमुख हासन ने तमिल में पोस्ट करते हुए कहा कि जनता के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।
विजय को शपथ लेने की अनुमति दी जानी चाहिए
दूसरी तरफ, VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने कहा कि विजय को शपथ लेने की अनुमति दी जानी चाहिए। राज्यपाल की माँग को "अस्वीकार्य" बताते हुए, इस राजनेता ने कहा कि विजय को लोक भवन में अपना बहुमत साबित करने की जरूरत नहीं है बल्कि वह राज्य विधानसभा में अपने आँकड़े साबित कर सकते हैं। DMK नेता ए. सरवनन ने भी विजय के दावे का समर्थन किया है। उन्होंने कहा, "अगर चुनाव से पहले बने किसी गठबंधन को बहुमत नहीं मिला है, तो उन्हें सबसे बड़ी पार्टी के साथ जाना चाहिए... और, अगर चुनाव के बाद कोई गठबंधन बनता है, तो उन्हें सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए।" उन्होंने कहा कि जब विजय ने गवर्नर से मुलाकात की है और सरकार बनाने का दावा पेश किया है तो उन्हें मौका मलना चाहिए उन्हीं के पास अब भी सबसे ज्यादा 113 विधायक हैं।
विधानसभा में हो बहुमत का परीक्षण
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के तमिलनाडु राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने भी राज्यपाल से आग्रह किया कि वे TVK को सदन के पटल पर अपना बहुमत साबित करने की अनुमति दें। बता दें कि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में टीवीके ने 108 सीट जीती हैं, लेकिन सरकार बनाने के लिए वह जरूरी 118 विधायकों का आंकड़ा पाने में असमर्थ है। कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों के साथ विजय की पार्टी को समर्थन दिया है। कांग्रेस अब तक डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थी। डीएमके ने 59 सीटें जीती हैं।




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