तमिलनाडु में गठबंधन के लिए वॉट्सऐप-वॉट्सऐप खेल रही विजय की TVK, ऐसे में कैसे बनेगी सरकार?
Tamil Nadu Politics: टीवीके ने डीएमके गठबंधन की घटक पार्टियों- सीपीआई, सीपीआईएम, वीसीके और आईयूएमएल से संपर्क तेज कर दिया है, लेकिन तरीका विवादास्पद हो गया। वामपंथी और वीसीके नेताओं ने बताया कि टीवीके ने औपचारिक बैठक या ऑफिस आने के बजाय सिर्फ व्हाट्सएप मैसेज भेजे हैं।

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अभिनेता से राजनेता बने विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्ट्री कजगम (TVK) ने गुरुवार को एक अनोखा कदम उठाते हुए वॉट्सऐप मैसेज के जरिए संभावित सहयोगी दलों से संपर्क साधा। TVK के इस डिजिटल संपर्क अभियान पर वामपंथी दलों और वीसीके समेत अन्य सहयोगी दलों में नाराजगी है। रिपोर्ट के अनुसार, टीवीके के इस अभियान के दौरान सीपीआई, सीपीआई (एम) और वीसीके के कई वरिष्ठ नेताओं ने बातचीत में कहा कि उन्हें पहले कभी फोर्ट सेंट जॉर्ज (तमिलनाडु विधानसभा) में सत्ता बनाने वाली किसी भी पार्टी की ओर से वॉट्सऐप के माध्यम से सरकार गठन का निमंत्रण नहीं मिला था।
वॉट्सऐप पर नाराजगी
टीवीके ने डीएमके गठबंधन की घटक पार्टियों- सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके और आईयूएमएल से संपर्क तेज कर दिया है, लेकिन तरीका विवादास्पद हो गया। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, वामपंथी और वीसीके नेताओं ने बताया कि टीवीके ने औपचारिक बैठक या ऑफिस आने के बजाय सिर्फ वॉट्सऐप मैसेज भेजे। एक वरिष्ठ वामपंथी नेता ने कहा कि सरकार बनाने की कोशिश कर रही पार्टी ने मुलाकात तक नहीं की, सिर्फ मैसेज भेज दिया। वहीं, दूसरे नेता ने इसे 'Gen Z की गठबंधन राजनीति' करार देते हुए कहा कि तमिलनाडु में गठबंधन हमेशा औपचारिक चर्चा, सम्मान और पारदर्शिता से होते आए हैं।
इंडिया ब्लॉक में चिंता
कई नेताओं ने चिंता जताई कि कांग्रेस के डीएमके गठबंधन से अलग होते ही टीवीके ने एक फोन कॉल पर इंडिया गठबंधन तोड़ दिया। फिर भी वामपंथी दलों ने विजय को पूरी तरह खारिज नहीं किया। सीपीआई राज्य सचिव एम वीरपांडियन ने कहा कि संवैधानिक परंपरा के अनुसार सबसे बड़ी पार्टी को बहुमत साबित करने का मौका मिलना चाहिए। वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने भी अनुरोध मिलने की पुष्टि की और कहा कि उनकी पार्टी उच्च स्तरीय समिति में इस पर विचार करेगी।
विजय ने राज्यपाल से फिर की मुलाकात
बता दें कि टीवीके नेता विजय ने लगातार दूसरे दिन राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से लोक भवन में मुलाकात की। बैठक में विजय ने बहुमत साबित करने के लिए दो महीने का समय मांगा और खुद को विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी का नेता बताते हुए सरकार बनाने का दावा पेश किया। बताया जा रहा है कि इस दौरान राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि किसी भी आमंत्रण या शपथ ग्रहण से पहले विजय को बहुमत साबित करना होगा। अर्लेकर ने कम से कम 118 विधायकों (234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत) का लिखित समर्थन प्रस्तुत करने को कहा है।
टीवीके के पास कितनी ताकत?
वर्तमान में टीवीके के पास 108 विधायक हैं। कांग्रेस के 5 विधायकों को जोड़ने पर यह संख्या 113 हो जाती है। हालांकि, विजय द्वारा जीती गई दो सीटों में से एक खाली करने की संभावना है, जिससे पार्टी की ताकत और कम हो जाएगी। राज्यपाल के सख्त रुख से टीवीके की उम्मीद को झटका लगा है कि विजय पहले शपथ ले लें और बाद में बहुमत साबित करें। इसके बाद टीवीके के वरिष्ठ नेताओं और कानूनी सलाहकारों ने नीलंकराई स्थित विजय के आवास पर बैठक की। कुछ नेताओं ने उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प भी तलाशने का सुझाव दिया, जबकि कुछ ने नए चुनाव की संभावना जताई।
डीएमके-एआईएडीएमके गठजोड़ की अटकलें
इस बीच, डीएमके और एआईएडीएमके के बीच अनौपचारिक चर्चाओं की खबरें भी सामने आ रही हैं। अगर टीवीके बहुमत साबित करने में विफल रही तो दोनों प्रमुख दल किसी समझौते पर पहुंच सकते हैं। एआईएडीएमके महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी गुरुवार को पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में अपने सभी विधायकों के साथ बैठक करने वाले थे, जिससे इन अटकलों को बल मिला है। दूसरी ओर राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि डीएमके बाहरी समर्थन के साथ एआईएडीएमके को सरकार बनाने का रास्ता मिल सकता है, हालांकि दोनों दलों ने अभी तक किसी औपचारिक योजना की पुष्टि नहीं की है।




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