विजय ने किया था BJP का विरोध, इसलिए बनाया जा रहा दबाव? आरोपों पर क्या बोली भाजपा
भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर इस मामले में नियमों के अनुसार ही फैसला करेंगे। भाजपा प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने कहा कि सरकार गठन के मामले में सभी प्रक्रियाएं लोकतांत्रिक तरीके से होंगी।

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में सोमवार को हुई मतगणना में अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) 234 सदस्यों वाली विधानसभा में 108 सीटें जीतकर राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि, बहुमत के आंकड़े 118 से उसे दस सीटें कम मिली हैं। इसके बाद कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों का समर्थन विजय को दिया। बावजूद इसके राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया। गुरुवार को विजय 24 घंटे के अंदर गवर्नर से दूसरी बार मिले लेकिन लोकभवन ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक 118 विधायकों के दस्तखत नहीं लाते, तब तक सरकार बनाने का न्योता नहीं दे सकते।
गवर्नर के इस रुख पर कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने आरोप लगाया है कि चूंकि थलापति विजय ने चुनावों के दौरान भाजपा का विरोध किया था और गवर्नर पूर्व भाजपा नेता हैं और दिल्ली के दबाव में हैं; इसलिए वह विजय को मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए जानबूझकर देरी कर रहे हैं और उन पर दबाव बना रहे हैं। अभिनेता प्रकाश राज ने भी राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए। मक्कल नीधि मय्यम (MNM) के चीफ कमल हासन ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर गवर्नर के आचरण पर सवाल खड़े किए हैं।
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर इस मामले में नियमों के अनुसार ही फैसला करेंगे। भाजपा प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने कहा कि सरकार गठन के मामले में सभी प्रक्रियाएं लोकतांत्रिक तरीके से होंगी। तिरुपति ने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि लोक भवन या राज्यपाल के स्तर पर कोई भ्रम की स्थिति है। राज्यपाल संविधान और नियम पुस्तिका के अनुसार ही काम करेंगे।'' उन्होंने कहा, ''जनता ने जिस तरह मतदान किया है, यह उसी का परिणाम है। मतदाताओं ने ऐसा जनादेश दिया है कि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला।''
भाजपा नेता ने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार वही दल सरकार बनाने का अधिकार रखता है, जो कुल सीटों की आधे से अधिक सीटें हासिल करे और आवश्यक समर्थन जुटा ले। तिरुपति ने कहा, ''इस बार किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला है। मेरा मानना है कि मौजूदा स्थिति में यही भ्रम का कारण है और इसी वजह से लोक भवन समय ले रहा है।'' उन्होंने कहा कि यदि अन्य दल विजय के नेतृत्व वाली टीवीके को समर्थन देने के लिए आगे आते हैं, तो तमिलनाडु में स्थिर सरकार का गठन संभव होगा।
तिरुपति ने उन दावों को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि विजय पर दबाव डालने की कोशिशें की जा रही हैं, क्योंकि वह BJP का विरोध कर रहे थे। BJP नेता ने कहा, "यह एक लोकतांत्रिक देश है। यहाँ चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से होते हैं। TVK के विजय के पास ज़्यादा सीटें हैं। सब कुछ लोकतांत्रिक तरीके से ही होगा। कोई किसी पर दबाव कैसे डाल सकता है? ये सब राजनीतिक बयानबाजी है। मुझे नहीं लगता कि यह सही है। जो कुछ भी संवैधानिक रूप से लागू होगा, वही होगा।"
उधर, दोबारा लोक भवन पहुंचे थलापति विजय या टीवीके की ओर से इस बारे में तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई है। बता दें कि टीवीके प्रमुख 24 घंटे के भीतर दूसरी बार लोक भवन पहुंचे और करीब 40 मिनट तक राज्यपाल के साथ लोकभवन के भीतर रहे। इसके बाद उन्हें परिसर से बाहर निकलते देखा गया। टीवीके ने 23 अप्रैल को हुए चुनावों में 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीट जीतीं और वह सबसे बड़े दल के रूप में उभरी। हालांकि, पांच विधायकों वाली कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन दिया है, लेकिन अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाली पार्टी 200 से अधिक सदस्यीय सदन में बहुमत के 118 के आंकड़े तक पहुंचने से अब भी कुछ सीट दूर है।
विजय ने बुधवार को कांग्रेस पार्टी का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा था और सरकार बनाने का दावा पेश किया था। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अर्लेकर ने अभी इस मामले में कोई फैसला नहीं लिया है। टीवीके नेता वी. एस. बाबू ने शपथ ग्रहण और सरकार गठन के बारे में पूछे गए सवाल पर पत्रकारों से कहा, ''यह जल्द होगा और देखते हैं कि आगे क्या होता है।'' उन्होंने केंद्र की ओर से गवर्नर पर कथित दबाव के बारे में पूछे जाने पर कहा कि जिन बातों की उन्हें जानकारी नहीं है, उन पर वह टिप्पणी नहीं करेंगे। बाबू ने कहा, ''जिन चीजों के बारे में मुझे जानकारी नहीं है, मैं उन पर बात नहीं करूंगा।'' खबरों के मुताबिक, गवर्नर के साथ बातचीत के दौरान विजय ने खुद को फ्लोर टेस्ट का सामना करने के लिए तैयार बताया है लेकिन गवर्नर ने पहले 118 विधायकों के दस्तखत मांगे हैं।




साइन इन