NEET-UG पेपर कैसे हुआ लीक? वो 150 पन्नों की PDF फाइल, व्हाट्सएप पर धड़ाधड़ हुई फॉरवर्ड
एनटीए को अनियमितताओं की पहली सूचना 7 मई की शाम मिली। एजेंसी ने 8 मई को मामले को केंद्रीय एजेंसियों के पास जांच के लिए भेजा। जांच में पता चला कि संदिग्ध PDF परीक्षा के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले ही वायरल हो चुकी थी।

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 को रद्द किए जाने के पीछे गेस पेपर का मामला सामने आया है, जिसने देश के सबसे बड़े मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित परीक्षा को निरस्त करने का फैसला लिया। इसने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दिया।
जांच में सामने आया कि राजस्थान के चूरू से जुड़ा गेस पेपर परीक्षा से पहले व्हाट्सएप पर बड़े पैमाने पर शेयर किया गया था। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के अनुसार यह लगभग 150 पन्नों की पीडीएफ फाइल थी, जिसमें करीब 410 प्रश्न शामिल थे। शुरुआती जांच में दावा किया गया कि इनमें से लगभग 120 प्रश्न असली नीट-यूजी परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मेल खाते थे। खासकर रसायन विज्ञान के सवालों में समानता अधिक पाई गई। अधिकारियों का कहना है कि यह पीडीएफ परीक्षा से कई सप्ताह पहले छात्रों के मोबाइल फोन तक पहुंच चुकी थी और व्हाट्सऐप पर फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स के रूप में शेयर हो रही थी।
7 मई को NTA के पास आई सूचना
एनटीए को अनियमितताओं की पहली सूचना 7 मई की शाम मिली। इसके बाद एजेंसी ने 8 मई को मामले को केंद्रीय एजेंसियों के पास जांच के लिए भेजा। जांच में यह भी पता चला कि संदिग्ध PDF परीक्षा के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले ही वायरल हो चुकी थी, जिससे पेपर लीक की आशंका और मजबूत हो गई। अधिकारियों ने कहा कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गेस पेपर का मूल स्रोत क्या था और यह किन माध्यमों से छात्रों तक पहुंचा।
अब कैसे होगा NEET-UG एग्जाम
एनटीए ने साफ किया है कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी, लेकिन नई तारीख बाद में घोषित होगी। साथ ही छात्रों को दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी और पहले जमा परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों ने सरकार और एनटीए पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है। कांग्रेस सहित कई दलों ने इसे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है। छात्रों और अभिभावकों में भी भारी नाराजगी और चिंता देखी जा रही है, क्योंकि 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था।




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