NEET पेपर लीक में कोचिंग मालिक पर शिकंजा, एक दिन और बढ़ी सीबीआई हिरासत
दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले में कोचिंग सेंटर के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की सीबीआई हिरासत को एक दिन के लिए बढ़ा दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने हिरासत की अवधि बढ़ा दी।

दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले में कोचिंग सेंटर के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की सीबीआई हिरासत को एक दिन के लिए बढ़ा दिया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने हिरासत की अवधि बढ़ा दी। एजेंसी ने अदालत को बताया कि अन्य सह-आरोपियों से आमना-सामना कराने, महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद करने और आरोपी की भूमिका स्थापित करने के लिए आगे की हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।
17 मई को हुए थे गिरफ्तार
रेणुकाई करियर सेंटर के संस्थापक मोटेगांवकर को 17 मई की शाम को लातूर में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने अगले दिन उन्हें नौ दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया था। सीबीआई ने अपने हिरासत आवेदन में कहा था कि वह नीट-स्नातक परीक्षा 2026 के प्रश्न पत्रों के लीक होने और प्रसारित होने में शामिल है। अन्य आरोपियों के साथ साजिश रचकर उसने परीक्षा से पहले यानी 23 अप्रैल, 2026 को केमिस्ट्री के प्रश्न और उत्तर प्राप्त कर लिए थे। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मोटेगांवकर गिरफ्तार होने वाले दसवें व्यक्ति थे।
21 जून को फिर से होनी है परीक्षा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 12 मई को फैसला लिया कि तीन मई को चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की गयी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक होने के आरोपों के कारण स्थगित किया जाए। पुन: परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने नीट पेपर लीक मामले में पुणे स्थित फिजिक्स की लेक्चरर मनीषा संजय हवलदार को सोमवार को छह दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने आरोपी को छह दिन हिरासत में रखकर पूछताछ करने संबंधी सीबीआई की याचिका को स्वीकार कर लिया।
शिक्षा मंत्री प्रधान का पत्र
वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों को पत्र लिखकर 21 जून को होने वाली नीट-स्नातक की पुन: परीक्षा के सुगम और निष्पक्ष आयोजन के लिए उनका सहयोग मांगा है। शिक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मौजूदा ऊष्ण लहर की स्थिति को देखते हुए, प्रधान ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अभ्यर्थियों की सुविधा तथा सेहत के लिए परीक्षा केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने पत्र में लिखा कि मौजूदा गर्मी की हालत को देखते हुए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया अपने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में परीक्षा आयोजित करने वाले जिले के अधिकारियों और सभी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों तथा दूसरे संस्थानों को अभ्यर्थियों की सुविधा के लिहाज से जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उचित निर्देश जारी करें।
मंत्री ने बताया कि इन सुविधाओं में स्वच्छ पेयजल, उचित बैठक व्यवस्था, चालू पंखे और कूलर, साफ वॉशरूम, छायादार प्रतीक्षा स्थल, बिना रुकावट बिजली आपूर्ति और जहां भी जरूरत हो पोर्टेबल टॉयलेट शामिल हो सकते हैं। विद्यार्थियों की सेहत को सबसे जरूरी बताते हुए, प्रधान ने राज्य सरकारों से कहा कि वे परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों के लिए आने-जाने की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराएं।




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