महिला आरक्षण में संशोधन पर तमिलनाडु से आई आपत्ति, स्टालिन ने मांगी 30 साल वाली कौन सी गारंटी
तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने एक्स पर लिखा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण पर सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर विचार कर रही है। यह 128वें संविधान संशोधन के विपरीत है, जो 2023 में पारित हुआ था।

तमिलनाडु के चीफ मिनिस्टर और डीएमके के मुखिया एमके स्टालिन ने महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन किए जाने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने 5 राज्यों के चुनावों को देखते हुए यह फैसला लिया है। उन्होंने 2011 की जनगणना को ही आधार मानकर महिला आरक्षण लागू करने पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि सरकार ऐसे समय में इस प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है, जब 4 राज्यों और पुदुचेरी में चुनाव होने हैं और वहां आचार संहिता लागू है। उन्होंने कहा कि यह अप्रत्याशित है कि ऐसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर तब चर्चा हो रही है, जब आचार संहिता लागू है।
उन्होंने एक्स पर लिखा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण पर सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर विचार कर रही है। यह 128वें संविधान संशोधन के विपरीत है, जो 2023 में पारित हुआ था। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि 2026 की जनगणना के आधार पर इसे लागू किया जाए। ऐसी ही बात 2023 के महिला आरक्षण ऐक्ट में कही गई थी। उन्होंने कहा कि हम बिना किसी शर्त के महिला आरक्षण का समर्थन करते हैं, लेकिन यह जरूरी है कि सीटों का परिसीमन सही तरीके से किया जाए।
एमके स्टालिन ने कहा, 'डीएमके के अध्यक्ष और द्रविड़ मूवमेंट की विरासत के तौर पर मैं यह कहूंगा कि हम महिला आरक्षण का बिना किसी शर्त के समर्थन करते हैं।' इसके साथ ही उन्होंने परिसीमन में आनुपातिक प्रतिनिधित्व से किसी छेड़छाड़ का विरोध किया। दरअसल यह कहा जा रहा था कि 2011 की जनगणना को आधार मानकर परिसीमन हुआ तो नॉर्थ इंडिया से लेकर साउथ तक में सीटों का अनुपात पहले जैसा ही रहेगा। लेकिन नई जनगणना को आधार माना गया तो चीजें बदल सकती हैं। अब डीएमके लीडर ने उसी को लेकर आपत्ति जाहिर की है। उनका कहना है कि 2026 की जनगणना को ही आधार माना जाए और अनुपात में भी कोई बदलाव न हो।
किस चीज के लिए एमके स्टालिन ने मांगी है 30 साल वाली गारंटी
इसके साथ ही उन्होंने अगले 30 सालों के लिए इस बात की गारंटी मांगी कि जो परिसीमन तय हो जाएगा, उसमें तीन दशकों तक कोई बदलाव नहीं होगा। स्टालिन ने कहा कि यह हमारा निरंतर मानना रहा है कि राज्यों में लोकसभा सीटों का जो अनुपात है, उसमें किसी तरह का बदलाव ना किया जाए। यह गारंटी अगले 30 सालों के लिए रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को फिलहाल इस प्रस्ताव को रोक लेना चाहिए। इसके लिए सरकार को जून की शुरुआत में एक विशेष सत्र बुलाना चाहिए, जिसमें महिला आरक्षण में संशोधन पर विचार किया जाए।




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