4 मई के बाद असम में बढ़ेगा 'मिया' का दबदबा; बदरुद्दीन अजमल ने ऐसा क्यों कहा, मचा हंगामा
राज्य की कुल लगभग 3.12 करोड़ आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी करीब 34 प्रतिशत है, जिनमें से लगभग 4 प्रतिशत स्वदेशी असमिया मुसलमान हैं, जबकि अधिकांश बंगला भाषी मुसलमान हैं।

असम विधानसभा चुनाव (Assam Elections 2026) से पहले राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक प्रंट (AIUDF) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल (Badruddin Ajmal) के एक बयान ने सियासी पारा गरम कर है। अजमल ने कहा है कि चुनाव के बाद असम में मिया समुदाय का दबदबा बढ़ेगा और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का प्रभाव कम हो जाएगा।
गुवाहाटी में दिए गए बयान में अजमल ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद राजनीतिक समीकरण बदलेंगे और वर्तमान सत्ता संतुलन में बदलाव देखने को मिलेगा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में चुनावी गतिविधियां चरम पर हैं और सभी दल अपने-अपने समर्थन आधार को मजबूत करने में जुटे हैं।
‘मिया’ शब्द असम में बंगाली भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिसे कई बार अपमानजनक संदर्भ में भी देखा जाता है। राज्य की कुल लगभग 3.12 करोड़ आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी करीब 34 प्रतिशत है, जिनमें से लगभग 4 प्रतिशत स्वदेशी असमिया मुसलमान हैं, जबकि अधिकांश बंगला भाषी मुसलमान हैं।
इससे पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी एक विवादित बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि पिछले पांच वर्षों में हमने बांग्लादेशी मियाओं के हाथ-पैर तोड़े हैं और अगले पांच वर्षों में उनकी कमर तोड़ देंगे। उनके इस बयान की भी विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की थी। अब अजमल के ताजा बयान के बाद सियासी आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।
इस बीच, असदुद्दीन ओवैसी भी असम चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने जा रहे हैं। अजमल ने जानकारी दी कि ओवैसी 2 और 3 अप्रैल को असम का दौरा करेंगे और इस दौरान विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में कम से कम आठ जनसभाओं को संबोधित करेंगे। ओवैसी पहले ही अपनी पार्टी की ओर से AIUDF को समर्थन देने की घोषणा कर चुके हैं। अजमल इस बार बिन्नाकांडी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव में उन्हें धुबरी सीट से करारी हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन पार्टी इस बार विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है।
AIUDF के प्रदर्शन की बात करें तो 2016 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 13 सीटें जीती थीं। वहीं 2021 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन का हिस्सा बनकर पार्टी ने 15 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार 2026 के चुनाव में AIUDF 28 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार रही है।
असम की 126 सीटों के लिए 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। दोनों राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।




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