assam election 2026 bjp minister nandita garlosa joins congress haflong seat अब कांग्रेस ने दिया भाजपा को झटका, नामांकन से ठीक पहले असम की मंत्री नंदिता ने थामा 'हाथ', India News in Hindi - Hindustan
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अब कांग्रेस ने दिया भाजपा को झटका, नामांकन से ठीक पहले असम की मंत्री नंदिता ने थामा 'हाथ'

असम विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर! टिकट कटने से नाराज हिमंत सरकार की मंत्री नंदिता गार्लोसा ने BJP छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। अब वह हाफलोंग सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी। पूरी खबर पढ़ें।

Tue, 24 March 2026 07:26 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, गुवाहाटी
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अब कांग्रेस ने दिया भाजपा को झटका, नामांकन से ठीक पहले असम की मंत्री नंदिता ने थामा 'हाथ'

असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य की राजनीति में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में मंत्री और मौजूदा भाजपा विधायक नंदिता गार्लोसा ने पार्टी से बगावत कर दी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम समय सीमा (सोमवार) से ठीक एक दिन पहले, रविवार रात को उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया था। 9 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन था।

क्यों काटा गया गार्लोसा का टिकट?

दरअसल भाजपा ने इस बार हाफलोंग विधानसभा सीट से नंदिता गार्लोसा का टिकट काट दिया था। उनकी जगह उत्तरी कछार स्वायत्त जिला परिषद की मौजूदा सदस्य और युवा नेता रूपाली लांगथासा को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया। खास बात यह है कि नंदिता गार्लोसा हिमंत कैबिनेट की एकमात्र ऐसी मौजूदा मंत्री हैं, जिनका टिकट पार्टी ने काटा था।

नंदिता गार्लोसा का राजनीतिक कद

गार्लोसा 2021 में असम विधानसभा के लिए चुनी गई थीं। हिमंत सरकार में उनके पास कई महत्वपूर्ण विभाग थे, जिनमें खेल और युवा कल्याण, ऊर्जा, सहकारिता, खान और खनिज, तथा स्वदेशी आदिवासी आस्था व संस्कृति विभाग शामिल हैं।

कांग्रेस ने बदली अपनी रणनीति

कांग्रेस ने पहले हाफलोंग सीट से असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव निर्मल लांगथासा को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। लेकिन नंदिता गार्लोसा के कांग्रेस में शामिल होने के बाद पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। कांग्रेस ने एक बयान जारी कर बताया कि गार्लोसा के पार्टी में आने के बाद, घोषित उम्मीदवार निर्मल लांगथासा ने व्यापक जनहित में स्वेच्छा से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। अब गार्लोसा हाफलोंग सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी।

कांग्रेस का भाजपा पर निशाना

गार्लोसा के शामिल होने पर कांग्रेस ने कहा- वह पिछले पांच वर्षों से दीमा हसाओ की बुलंद आवाज रही हैं और हमेशा अपने विश्वासों और सिद्धांतों पर अडिग रही हैं। भाजपा में उन्हें इसी बात की कीमत चुकानी पड़ी क्योंकि मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा केवल आदिवासियों की जमीन बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों को बेचने में रुचि रखते हैं।

मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा ने रविवार को हाफलोंग स्थित गारलोसा के घर गए। हालांकि, शर्मा और गरलोसा ने बैठक के नतीजों को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए नौ अप्रैल को मतदान होगा जबकि नतीजे चार मई को आएंगे।

इससे पहले असम कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने भाजपा का दामन थामा है। असम के नौगांव से मौजूदा कांग्रेस सांसद और दिग्गज नेता प्रद्युत बोरदोलोई 1975 से कांग्रेस से जुड़े थे, लेकिन हाल ही में मुख्यमंत्री हिमंत शर्मा की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हो गए हैं। असम प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने 3 दशकों से अधिक समय तक कांग्रेस में रहने के बाद पार्टी नेतृत्व से मतभेदों के चलते फरवरी 2026 में भाजपा का दामन थाम लिया।