अपने ही बूथ पर हारीं ममता, सिर्फ 51 वोट; ECI ने बताया मुस्लिम वार्ड में शुभेंदु का हाल
ममता बनर्जी के लिए सबसे बड़ा झटका हरीश मुखर्जी रोड स्थित मित्रा इंस्टीट्यूशन पोलिंग स्टेशन से लगा, जहां वह खुद अपना वोट डालती हैं। 2021 के उपचुनाव में इस बूथ पर ममता बनर्जी को 36 वोटों की लीड मिली थी।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में सबसे बड़ा उलटफेर भवानीपुर विधानसभा सीट पर देखने को मिला है। अपनी आक्रामक चुनावी रैलियों के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा था कि अगर सिर्फ एक वोटर भी बचा रहा तो वही भवानीपुर से जीतेंगी। उनका दावा था कि भवानीपुर के हर घर का हर इंसान उन्हें जानता है। उन्होंने इस सीट को अपनी मां जैसी बताया था। हालांकि, चुनाव आयोग ने बूथ के मुताबिक जो आंकड़ों जारी किए हैं वह ममता बनर्जी की चिंता कई गुणा बढ़ा सकती है।
भाजपा कैंडिडेट और वर्तमान समय में बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को उनके अपने ही घर में 15105 वोटों के अंतर से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। आंकड़ों का विश्लेषण साफ दर्शाता है कि 2021 के उपचुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद 2026 में ममता बनर्जी के घरेलू समर्थन में भारी गिरावट आई है।
बूथ 260 पर दीदी की करारी हार
ममता बनर्जी के लिए सबसे बड़ा झटका हरीश मुखर्जी रोड स्थित मित्रा इंस्टीट्यूशन पोलिंग स्टेशन से लगा, जहां वह खुद अपना वोट डालती हैं। 2021 के उपचुनाव में इस बूथ पर ममता बनर्जी को 36 वोटों की लीड मिली थी। उन्हें 321 वोट मिले थे, जबकि भाजपा की प्रियंका टिबरेवाल को 285 वोट मिले थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में यहां पहली बार दरार देखने को मिली। भाजपा ने टीएमसी पर 36 वोटों की बढ़त बना ली थी। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने ममता को पूरी तरह पछाड़ दिया। इस बूथ से उन्हें 238 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को महज 51 वोटों से संतोष करना पड़ा।
267 में से 206 बूथों पर बीजेपी की बढ़त
भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के भीतर बूथ स्तर पर टीएमसी की पकड़ पूरी तरह ढह गई। भवानीपुर के कुल 267 पोलिंग बूथों में से शुभेंदु अधिकारी ने 206 बूथों पर मजबूत बढ़त हासिल की, जबकि ममता बनर्जी सिर्फ 60 बूथों तक सिमट गईं। इस विधानसभा के 24 बूथ ऐसे रहे जहां ममता बनर्जी को 50 वोट भी नसीब नहीं हुए। हालांकि शुभेंदु अधिकारी भी 38 बूथों पर 50 से कम वोट पर अटके, लेकिन उन्होंने बाकी बूथों पर भारी अंतर से इसकी भरपाई कर ली।
बूथ 227 पर चौंकाने वाला उलटफेर देखने को मिला। सरकारी प्रेस परिसर में स्थित इस बूथ पर 2021 में ममता को 326 वोट मिले थे। इस बार पासा ऐसा पलटा कि ममता को यहां सिर्फ 12 वोट मिले, जबकि शुभेंदु अधिकारी 287 वोट ले उड़े।
भवानीपुर विधानसभा सीट कोलकाता नगर निगम के 8 नगर पालिका वार्डों (63, 70, 71, 72, 73, 74, 77 और 82) को मिलाकर बनी है। 2021 विधानसभा उपचुनाव में ममता बनर्जी ने सभी 8 वार्डों में क्लीन स्वीप किया था। लोकसभा चुनाव में टीएमसी की बढ़त घटकर सिर्फ 3 वार्डों में रह गई थी। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी के तूफान के आगे ममता बनर्जी केवल वार्ड नंबर 77 को बचाने में कामयाब रहीं, बाकी 7 वार्डों में बीजेपी आगे रही।
मुस्लिम मतदाता का क्या रहा हाल?
ममता बनर्जी का आरोप है कि एसआईआर के नाम पर उनके निर्वाचन क्षेत्र से 55,000 मतदाताओं के नाम अवैध रूप से काट दिए गए। उनके मुताबिक, हटाए गए इन मतदाताओं में से 23% मुस्लिम समुदाय के थे, जो पारंपरिक रूप से टीएमसी के मजबूत वोटर थे। भवानीपुर का वार्ड नंबर 77 एक मुस्लिम बहुल पॉकेट है। यही एकमात्र ऐसा वार्ड है जहां ममता बनर्जी को बढ़त मिली।




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