Chicken Neck to Vande Mataram Suvendu Adhikari Path Diverges from Mamata 11 Major Decisions in 12 Days चिकन नेक, वंदे मातरम... ममता से अलग शुभेंदु अधिकारी की राह, 12 दिनों में 11 बड़े फैसले, India News in Hindi - Hindustan
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चिकन नेक, वंदे मातरम... ममता से अलग शुभेंदु अधिकारी की राह, 12 दिनों में 11 बड़े फैसले

सरकार ने टीएमसी शासन के दौरान शुरू की गई कई धर्म-विशेष कल्याणकारी और अनुदान योजनाओं को बंद करने का निर्णय लिया है, ताकि तुष्टिकरण की राजनीति को समाप्त कर धर्म-निरपेक्ष विकास सुनिश्चित किया जा सके।

Thu, 21 May 2026 05:40 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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चिकन नेक, वंदे मातरम... ममता से अलग शुभेंदु अधिकारी की राह, 12 दिनों में 11 बड़े फैसले

Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा की नई नवेली सरकार ने कमान संभालते ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार के दौरान लागू की गई नीतियों से पूरी तरह अलग राह पकड़ ली है। पद संभालने के कुछ ही दिनों के भीतर सरकार ने प्रशासनिक सुधार, जन कल्याण, आरक्षण नीतियों और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए कई बड़े फैसले लागू किए हैं। इन फैसलों से राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा नीतिगत बदलाव साफ तौर पर देखा जा रहा है।

अन्नपूर्णा योजना की शुरुआत: सरकार ने टीएमसी सरकार की सबसे चर्चित 'लक्ष्मी भंडार' योजना को बंद कर उसकी जगह अन्नपूर्णा योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 25 से 60 वर्ष की पात्र महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके आधार से लिंक बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और आयकर दाताओं को इससे बाहर रखा गया है। इसके आवेदन के लिए 1 जून से ऑनलाइन पोर्टल खुलेगा।

आयुष्मान भारत योजना लागू: 11 मई को हुई पहली कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत को बंगाल में लागू करने की घोषणा की गई। इसके तहत पात्र परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। पूर्ववर्ती सरकार ने इस योजना को रोककर स्वास्थ्य साथी योजना चलाई थी।

महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा: कैबिनेट ने राज्य परिवहन की बसों (शहरी और ग्रामीण दोनों रूटों पर) में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा को मंजूरी दी है, जिससे कामकाजी और छात्रा वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी।

चिकन नेक कॉरिडोर केंद्र को ट्रांसफर: सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील और पूर्वोत्तर राज्यों को मुख्य भूमि से जोड़ने वाले सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे चिकेन नेक के नाम से भी जाना जाता है के 7 राष्ट्रीय राजमार्गों को राज्य सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने की मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही को तेज व सुगम बनाना है।

भारत-बांग्लादेश सीमा फेंसिंग के लिए भूमि हस्तांतरण: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि भारत-बांग्लादेश सीमा के गैर-फेंसिंग वाले हिस्सों पर बाड़ लगाने का काम पूरा करने के लिए 45 दिनों के भीतर बीएसएफ (BSF) को जमीन सौंप दी जाएगी। आपको बता दें कि लगभग 435 किमी में से 286 किमी लंबित है।

स्कूलों में 'वंदे मातरम' अनिवार्य: स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार 18 मई से सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों की सुबह की प्रार्थना सभा में 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य कर दिया गया है। स्कूल प्रशासन को इसके अनुपालन के प्रमाण के रूप में वीडियो फुटेज रखने का भी निर्देश दिया गया है।

सरकारी नौकरियों में उम्र सीमा 5 साल बढ़ी: युवाओं को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने राज्य सरकार की नौकरियों के लिए ऊपरी आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी है। अब उम्र सीमा ग्रुप A के लिए 41 वर्ष, ग्रुप B के लिए 44 वर्ष और ग्रुप C और D के लिए 45 वर्ष होगी।

66 समुदायों के OBC आरक्षण में संशोधन: कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए सरकार ने 66 समुदायों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के तहत अधिसूचित कर 7 प्रतिशत आरक्षण ढांचा बहाल कर दिया है। इसमें कुर्मी, तेली, यादव और कुछ मुस्लिम समूह (हज्जाम, जोला आदि) शामिल हैं। यह कदम टीएमसी काल के 17% आरक्षण ढांचे को बदल दिया है।

1.69 करोड़ जाति प्रमाण पत्रों की दोबारा जांच: सरकार ने साल 2011 से अब तक जारी किए गए सभी जाति प्रमाण पत्रों (SC, ST और OBC) के दोबारा वेरिफिकेशन के आदेश दिए हैं। सरकार का आरोप है कि पिछले 15 सालों में द्वारे सरकार कैंपों के माध्यम से बड़े पैमाने पर फर्जी प्रमाण पत्र बांटे गए थे।

धर्म-आधारित योजनाएं बंद: सरकार ने टीएमसी शासन के दौरान शुरू की गई कई धर्म-विशेष कल्याणकारी और अनुदान योजनाओं को बंद करने का निर्णय लिया है, ताकि तुष्टिकरण की राजनीति को समाप्त कर धर्म-निरपेक्ष विकास सुनिश्चित किया जा सके।

आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर मुकदमा: बंगाल सरकार ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और खरीद घोटालों के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और PMLA के तहत मुकदमा चलाने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस मामले की जांच फिलहाल सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) कर रही है।