शुभेंदु के प्रभाव में आकर काम मत करो, ममता बनर्जी के करीबी सांसद ने बंगाल पुलिस को दी चेतावनी
ममता बनर्जी के करीबी कल्याण ने कहा कि याद दिलाना चाहूंगा कि पुलिस का कर्तव्य पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ कानून का पालन करवाना है, न कि किसी भी राजनीतिक नेता, जिनमें शुभेंदु अधिकारी भी शामिल हैं, के प्रभाव में आकर काम करना।

लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चीफ व्हिप और सांसद कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल पुलिस को कड़ी चेतावनी दी है और कहा है कि वह पूरी ईमानदारी से काम करें, न कि किसी भी नेता जिसमें शुभेंदु अधिकारी भी शामिल हैं, उनके प्रभाव में आकर काम न करें। कल्याण बनर्जी लोकसभा सांसद हैं और ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। पिछले दिनों, बंगाल हार के बाद ममता ने कल्याण बनर्जी को लोकसभा में चीफ व्हिप बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कल्याण बनर्जी ने लिखा, ''मुझे हमारे पुलिसकर्मियों के लिए बहुत सम्मान है, खासकर इसलिए क्योंकि मैं खुद एक पुलिस अधिकारी का बेटा हूं। हालांकि, मैं उन्हें यह याद दिलाना चाहूंगा कि उनका कर्तव्य पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ कानून का पालन करवाना है, न कि किसी भी राजनीतिक नेता, जिनमें शुभेंदु अधिकारी भी शामिल हैं, के प्रभाव में आकर काम करना। पुलिस को बिना किसी पूर्वाग्रह, भेदभाव या राजनीतिक रंग के लोगों की सेवा करनी चाहिए, और केवल न्याय तथा संविधान के प्रति ही समर्पित रहना चाहिए।''
वहीं, कुछ दिन पहले ही तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने काकोली घोष को लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के पद से हटा दिया था और उनकी जगह दोबारा कल्याण बनर्जी को यह जिम्मेदारी सौंप दी थी। इस फैसले से नाराज घोष ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास भी निकाली थी। घोष को पिछले साल अगस्त में कल्याण बनर्जी के इस्तीफे के बाद यह पद मिला था, लेकिन नौ महीने में ही उनसे यह जिम्मेदारी वापस ले ली गई।
इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा था, "1976 से जान-पहचान, 1984 से सफर। आज मुझे चार दशकों की वफादारी का इनाम मिला है।" उनकी इस पोस्ट के बाद पार्टी के अंदर और बाहर काफी हंगामा हुआ था और माना गया कि वे इस फैसले से बेहद खफा हैं। इसके बादए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार की सुरक्षा बढ़ाकर 'वाई-प्लस' कर दी है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब पश्चिम बंगाल में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद अभिषेक बनर्जी सहित तृणमूल के कई बड़े नेताओं की सुरक्षा में कटौती की रिपोर्टें आ रही हैं।
ममता ने भी उठाए थे पुलिस पर सवाल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, भाजपा ने पहली बार राज्य में सरकार बनाई, जिसके बाद शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने। टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पिछले हफ्ते कलकत्ता हाई कोर्ट से कहा था कि पश्चिम बंगाल में हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान पुलिस निष्क्रिय रही। उन्होंने पश्चिम बंगाल में अवैध ढांचों के खिलाफ जारी विध्वंस अभियान के बीच कहा कि यह (बंगाल) बुलडोजर राज्य नहीं है। ममता विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद तृणमूल कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित हिंसा और पार्टी दफ्तरों पर हमलों से जुड़े मामले में दलीलें देने के लिए कोर्ट में पेश हुई थीं।




साइन इन