Congress announces July 21 rally in Kolkata after TMC poll defeat Mamata Banerjee बंगाल में नया बवाल? 21 जुलाई को लेकर कांग्रेस-टीएमसी आमने-सामने, इस तारीख में खास क्या, India News in Hindi - Hindustan
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बंगाल में नया बवाल? 21 जुलाई को लेकर कांग्रेस-टीएमसी आमने-सामने, इस तारीख में खास क्या

बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद टीएमसी के हाथ से चीजें एक के बाद निकलती जा रही हैं। इसी कड़ी में टीएमसी एक बड़ा इवेंट भी खोने वाली है, जिसे वह अपनी पहचान से जोड़कर देखती है।

Sat, 23 May 2026 11:05 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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बंगाल में नया बवाल? 21 जुलाई को लेकर कांग्रेस-टीएमसी आमने-सामने, इस तारीख में खास क्या

बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद टीएमसी के हाथ से चीजें एक के बाद निकलती जा रही हैं। इसी कड़ी में टीएमसी एक बड़ा इवेंट भी खोने वाली है, जिसे वह अपनी पहचान से जोड़कर देखती है। यह इवेंट है शहीद दिवस, जिसे टीएमसी हर साल 21 मई को मनाती रही है। लेकिन अब कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई ने कहा है कि वह आगामी 21 जुलाई को ‘शहीद मीनार’ पर एक रैली आयोजित करेगी।

कांग्रेस ने किया यह ऐलान
इसके साथ ही पार्टी लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस से जुड़े 'शहीद दिवस' आयोजन पर अपनी दावेदारी जताने की कोशिश करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने पार्टी के ‘बिधान भवन’ कार्यालय में यह घोषणा करते हुए कहाकि कांग्रेस लगभग तीन दशकों में यहां इस कार्यक्रम का आयोजन करेगी। यह कदम विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार और उसके बाद पार्टी के भीतर चल रही उथल-पुथल के मद्देनजर उठाया गया है।

कैसे हुई थी शहीद दिवस की शुरुआत
इस दिन की शुरुआत 21 जुलाई, 1993 को हुई थी, जब वाम मोर्चा शासन के दौरान एस्प्लेनेड में ममता बनर्जी के नेतृत्व में एक रैली के दौरान पुलिस गोलीबारी में 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मारे गए थे। कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं के मारे जाने की याद में इस दिन को शहीद दिवस घोषित किया था। 1990 के दशक के उत्तरार्ध में ममता बनर्जी के कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस बनाने के बाद, उनकी पार्टी ने धीरे-धीरे इस वार्षिक आयोजन की जिम्मेदारी संभाली और हर साल विशाल रैलियां आयोजित करने लगी।

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कांग्रेस का टीएमसी पर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्षों से तृणमूल कांग्रेस ने प्रभावी रूप से कार्यक्रम पर कब्जा कर लिया था और कांग्रेस को सार्वजनिक रूप से इस दिन को मनाने से रोक दिया था। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहाकि वर्षों तक हमें सार्वजनिक रूप से कार्यक्रम आयोजित करने की प्रशासनिक अनुमति नहीं दी गई। हमें शहीद दिवस बिधान भवन के अंदर अस्थायी शेड में मनाना पड़ा। शुभंकर सरकार और पार्टी पर्यवेक्षक गुलाम अहमद मीर ने कांग्रेस में रहे नेताओं को खुला निमंत्रण दिया। शुभंकर सरकार ने कहाकि कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास रखने वाले और पूर्व में कांग्रेस से जुड़े रहे नेताओं के लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं। उनका हार्दिक स्वागत किया जाएगा।