Bengal government reduced security several leaders Kalyan Banerjee Rajeev Kumar close to Mamata Banerjee ममता बनर्जी के करीबियों पर शुभेंदु सरकार का ऐक्शन, कल्याण बनर्जी समेत कई नेताओं की सुरक्षा घटाई, India News in Hindi - Hindustan
More

ममता बनर्जी के करीबियों पर शुभेंदु सरकार का ऐक्शन, कल्याण बनर्जी समेत कई नेताओं की सुरक्षा घटाई

अधिकारियों ने बताया कि सारदा घोटाला मामले में जमानत मिलने के बाद कुणाल घोष ने हमलों की आशंका जताई और अदालत के निर्देशों पर उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई थी। घोष को अब केवल विधायक के रूप में मिलने वाली सुरक्षा दी जाएगी। 

Sun, 17 May 2026 11:49 PMNiteesh Kumar भाषा
share
ममता बनर्जी के करीबियों पर शुभेंदु सरकार का ऐक्शन, कल्याण बनर्जी समेत कई नेताओं की सुरक्षा घटाई

पश्चिम बंगाल सरकार ने खतरे का आकलन करने के बाद कई नेताओं, पूर्व अधिकारियों और अन्य प्रमुख व्यक्तियों को मुहैया कराई गई सुरक्षा में कटौती कर दी है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने इसी के साथ वीआईपी कैटेगरी के तहत सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों के घरों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को वापस बुला लिया और उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों की संख्या कम कर दी है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी सहित कई चर्चित हस्तियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था में कटौती करने के कुछ दिनों बाद यह ताजा फैसला सामने आया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बुलडोजर राजनीति में विश्वास नहीं करता बंगाल, शुभेंदु सरकार के ऐक्शन पर ममता

सूत्रों ने बताया कि हाल ही में जारी आधिकारिक निर्देश के अनुसार, खतरे के आकलन के आधार पर वीआईपी सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों को मिली सुरक्षा का संशोधन किया गया। सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी, पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी, बेलियाघाटा के विधायक कुणाल घोष, कोलकाता के पूर्व महापौर और तृणमूल कांग्रेस नेता सोवन चटर्जी, राज्यसभा सदस्य और राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार, सेवानिवृत्त डीजीपी मनोज मालवीय और पूर्व कार्यवाहक डीजीपी पीयूष पांडे सहित कई लोगों की सुरक्षा घटा दी गई है। इनमें से कई नेता ममता बनर्जी के करीबी रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत उनके आवासों के बाहर तैनात पुलिस कर्मियों को वापस बुला लिया गया है।

सुरक्षा को लेकर क्यों हुए बदलाव

प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि समीक्षा में पाया गया कि सूची में शामिल कुछ लोगों को अब अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है और उन्हें केवल उनकी वर्तमान संवैधानिक या आधिकारिक स्थिति के तहत ही सुरक्षा मिलनी चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि संसद सदस्य कल्याण बनर्जी और राजीव कुमार दोनों को सांसदों को मिलने वाली सुरक्षा जारी रहेगी। अरूप बिस्वास को पहले राज्य मंत्री के रूप में सुरक्षा मिली थी, लेकिन उन्हें उस स्तर की सुरक्षा नहीं दी जाएगी क्योंकि वर्तमान में वह न तो मंत्री हैं और न ही विधायक।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कर्नाटक बना भारत का पहला राज्य, जहां लागू हुई अल्कोहल-आधारित एक्साइज ड्यूटी

अधिकारियों ने बताया कि सारदा घोटाला मामले में जमानत मिलने के बाद कुणाल घोष ने हमलों की आशंका जताई थी और अदालत के निर्देशों पर उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई थी। उन्होंने बताया कि घोष को अब केवल विधायक के रूप में मिलने वाली सुरक्षा ही दी जाएगी। इसी तरह, पिछली सरकार के दौरान तृणमूल और राज्य सरकार के लिए कई कानूनी मामलों की पैरवी करने वाले एक वकील को दी गई अतिरिक्त सुरक्षा भी वापस ले ली गई है, क्योंकि अधिकारियों को कथित तौर पर निरंतर बढ़ी हुई सुरक्षा के लिए कोई औचित्य नहीं मिला। अधिकारियों ने बताया कि कार्यवाहक डीजीपी के रूप में पीयूष पांडे को अतिरिक्त सुरक्षा मिली थी, लेकिन अब उन्हें उनके मौजूदा स्थिति के अनुरूप सुरक्षा दी जाएगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ईरान पर US की 5 शर्तें; बंगाल में खेत में EPIC तो TMC दफ्तर से आधार बरामद; टॉप-5

यह ताजा कदम उस निर्देश के बाद उठाया गया है जिसमें कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को वास्तविक आवश्यकताओं से अधिक सुरक्षा नहीं मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के तुरंत बाद वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू की गई और सबसे पहले अभिषेक बनर्जी को दी जाने वाली सुरक्षा में कटौती की गई। राज्य सरकार ने अभिषेक बनर्जी की जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा वापस लेने के अलावा, विशेष पायलट कार सुविधा भी बंद कर दी है। इससे पहले, कालीघाट स्थित उनके आवास और कैमक स्ट्रीट स्थित उनके कार्यालय परिसर के बाहर तैनात पुलिस बल को भी हटा लिया गया था।

प्रशासन ने साफ किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि कोलकाता पुलिस को उनके आवास, आवागमन और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं और उनकी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।