बांग्लादेशी घुसपैठ की बड़ी साजिश नाकाम; कूचबिहार में भारी तनाव के बीच BSF को बड़ी कामयाबी
कूचबिहार जिला बांग्लादेश के साथ करीब 549 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जिसे सुरक्षा के लिहाज से बेहद जटिल माना जाता है। यहाँ तीस्ता, जलढाका और तोर्सा जैसी कई नदियाँ बहती हैं, जिसके कारण कई दुर्गम इलाकों में फेंसिंग लगाना चुनौतीपूर्ण है।

पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले में शुक्रवार (5 जून) की सुबह तब भारत-बांग्लादेश सीमा पर जबरदस्त तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक-एक कर बड़ी संख्या में बांग्लादेशी अंतरराष्ट्रीय सीमा के उस पार जमा होने लगे और घुसपैठियों के एक समूह ने भारत में प्रवेश करने की कोशिश की। यह घटना कूचबिहार के मेखलीगंज ब्लॉक में हुई, जहां अंतरराष्ट्रीय सीमा के ठीक सामने बांग्लादेश के लालमोनिरहाट जिले का औलियाहाट बॉर्डर स्थित है। हालांकि, स्थानीय लोगों की सतर्कता से घुसपैठ की कोशिश नाकाम हो गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार की सुबह जीरो पॉइंट के पास जैसे ही अचानक बांग्लादेशियों का जमावड़ा शुरू हुआ और धीरे-धीरे उनकी संख्या बढ़ने लगी, तभी सीमा पर लगी कंटीली तारों के पार इस संदिग्ध गतिविधि को देख स्थानीय ग्रामीणों ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को इसकी सूचना दी। खबर मिलते ही BSF के जवान और अर्धसैनिक बलों की टीम आनन-फानन में मौके पर पहुंची और भारत में घुसने की कोशिश कर रही भीड़ को खदेड़कर घुसपैठ की कोशिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया।
तीन बीघा कॉरिडोर के पास घुसपैठ की कोशिश
मेखलीगंज के भाजपा विधायक ने जानकारी दी कि घुसपैठियों के इस समूह ने तीन बीघा के रास्ते भारत में दाखिल होने की कोशिश की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा पार से ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना के बाद सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों में घबराहट फैल गई और तनाव व्याप्त हो गया। हालांकि, इस स्थिति को भांपते हुए BSF के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और बॉर्डर पर सुरक्षा घेरा और भी कड़ा कर दिया।
क्यों संवेदनशील है कूचबिहार की सीमा?
कूचबिहार जिला बांग्लादेश के साथ करीब 549 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जिसे सुरक्षा के लिहाज से बेहद जटिल माना जाता है। यहाँ तीस्ता, जलढाका और तोर्सा जैसी कई नदियाँ बहती हैं, जिसके कारण कई दुर्गम इलाकों में फेंसिंग लगाना चुनौतीपूर्ण है। घुसपैठिए अक्सर इन्हीं नदी मार्गों और रात के अंधेरे का फायदा उठाकर घुसपैठ या तस्करी की कोशिश करते हैं। फिलहाल सरकार इन क्षेत्रों में ड्रोन और आधुनिक कैमरों के जरिए निगरानी तंत्र को और मजबूत करने पर काम कर रही है।
बता दें कि पड़ोसी देश की तरफ से ये हिमाकत ऐसे समय में की गई है, जब पश्चिम बंगाल की नई शुभेंदु अधिकारी सरकार राज्य में घुसपैठियों के खिलाफ डिटेक्ट, डिलीट-डिपोर्ट की नीति पर सघन अभियान चला रही है और उन्हें सीमा पार खदेड़ने की कोशिशों में जुटी है।




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