किसी को नहीं छोड़ेंगे, TCS नासिक केस पर महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया ऐक्शन प्लान
नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने दो महिला आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करते हुए बुधवार को कहा कि गिरफ्तार की गई यूनिट की ऑपरेशन और एचआर प्रमुख ने कथित तौर पर एक पीड़िता को शिकायत दर्ज कराने से हतोत्साहित किया था।

TCS यानी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज नासिक कांड पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहली प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा है कि किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। साथ ही इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों से हस्तक्षेप करने की मांग की गई है। कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले नासिक से 7 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक महिला कर्मचारी भी शामिल है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीएम फडणवीस ने इस मामले को बेहद चिंताजनक करार दिया है। साथ ही कहा है कि कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इसकी जड़ तक जाने के लिए जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, 'हम इसमें शामिल किसी को नहीं बख्शेंगे। किसी को भी सुरक्षा नहीं मिलेगी। हमने केंद्रीय एजेंसियों से इस मामले की बारीकी से जांच करने के लिए कहा है।' उन्होंने आशंका जताई है कि मामला बड़े मॉड्यूल से जुड़ा हो सकता है।
पुलिस को संगठित गिरोह होने का शक
गुरुवार को इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को अदालत में पेश किया था। जहां से उन्हें 18 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अदालत में पेश किए गए आरोपियों की पहचान रजा रफीक मेमन (35) और शफी बिखान शेख (36) के रूप में हुई है। इन्हें संबंधित मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद बुधवार को फिर से गिरफ्तार किया गया।
नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने दो महिला आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करते हुए बुधवार को कहा कि गिरफ्तार की गई यूनिट की ऑपरेशन और एचआर प्रमुख ने कथित तौर पर एक पीड़िता को शिकायत दर्ज कराने से हतोत्साहित किया था। उन्होंने बताया कि एचआर प्रमुख ने महिला से कहा था कि 'ऐसी चीजें होती रहती हैं'। जिसने आरोपियों का साथ दिया था। दोनों महिला आरोपियों में से एक फरार है। उन्होंने कहा था कि जांच में पता चला है कि सात पुरुष आरोपी एक संगठित गिरोह की तरह महिला कर्मचारियों को निशाना बना रहे थे।
क्या हैं आरोप
इस सप्ताह की शुरुआत में, पुलिस ने आठ महिला कर्मचारियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। महिला कर्मचारियों ने दावा किया कि वरिष्ठ सहकर्मियों ने उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न किया, जबकि HR विभाग ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया।
आरोपी पुरुषों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और शाहरुख शेख के रूप में हुई है।




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