झगड़ा, कर्फ्यू, विरोध प्रदर्शन और गोलीबारी; मणिपुर में सुधरने का नाम नहीं ले रहे हालात
मणिपुर में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे। मंगलवार को भी यहां पर अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन हुए। पहाड़ी और घाटी वाले जिलों में हिंसक घटनाएं देखने को मिलीं। इसको लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

मणिपुर में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे। मंगलवार को भी यहां पर अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन हुए। पहाड़ी और घाटी वाले जिलों में हिंसक घटनाएं देखने को मिलीं। इसको लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि यहां पर हालात सामान्य करने के लिए बातचीत शुरू की जाए। वहीं, सीमावर्ती जिलों सेनापट्टी और जुड़े हुए कांगपोकपी में दो आदिवासी समुदायों के बीच भिड़ंत हो गई। यह भिड़ंत एक बंद के आयोजन को लेकर हुई। इन सबके बीच घाटी में स्थित पांच जिलों में अभी भी कर्फ्यू लागू है। एक अन्य घटना में मणिपुर के थौबल जिले में मंगलवार को मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह के कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रही भीड़ पर सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर गोलीबारी किए जाने से एक व्यक्ति घायल हो गया।
अचानक होने लगा पथराव
झगड़ा तब शुरू हुआ जब पुलिस नागा वॉलंटियर्स द्वारा बुलाए गए तीन दिन के बंद को खुलवाने पहुंची। यह बंद यूनाइटेड नागा काउंसिल ने 18 अप्रैल को उखरुल जिले में दो लोगों की हत्या के विरोध में बुलाया था। एक अधिकारी ने बताया कि हालात उस वक्त बिगड़ गए जब चांगोबंग गांव से लोग इसमें शामिल हो गए। इसके बाद दोनों तरफ से पथराव होने लगा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि यह सब किया किसने। बता दें कि 20 अप्रैल की मध्यरात्रि से बुलाए गए बंद के चलते यहां आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। इसका असर नागा बाहुल्य जिलों, उखरुल, कामजोंगे, सेनापट्टी, नॉनी और तेमनलांग पर है।
सुरक्षा बलों से झड़प
एक अन्य घटना में, महीने की शुरुआत में एक बम ब्लास्ट के दौरान दो बच्चों की मौत के विरोध में इंपाल में एक मशाल रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा बलों से झड़प हो गई। पुलिस ने बताया कि इंफाल पश्चिमी जिले में सोमवार रात आयोजित रैली हिंसक हो गई। यह तब हुआ जब प्रतिभागियों ने लोक भवन और भाजपा राज्य कार्यालय के पास स्थित प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने का प्रयास किया। एक अधिकारी ने कहाकि जब प्रदर्शनकारियों ने कर्फ्यू आदेशों की अवहेलना की और प्रतिबंधों के बावजूद आगे बढ़ गए तब सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। उन्होंने कहाकि प्रदर्शनकारियों ने केटापुल्ट से सुरक्षा बलों पर पत्थर और लोहे की गोली चलाई, जिससे कम संख्या में सुरक्षा बलों की जान खतरे में पड़ गई।
पांच जिलों में कर्फ्यू लागू
वहीं, पांच घाटी जिलों में शाम 5 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू प्रतिबंध लागू हैं। पुलिस ने कहा कि इंफाल पश्चिम जिले में 19 लोगों को कर्फ्यू का उल्लंघन करने और सड़कें रोकने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे अपराधों में शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया गया। इस बीच, 18 अप्रैल को टीएम कासोम क्षेत्र में घातक हमले में मारे गए दो नागरिकों को सम्मानित करने के लिए उख्रूल में प्रार्थना सभा आयोजित की गई। नागरिक समाज संगठनों ने हत्याओं की निंदा की और आरोप लगाया कि पीड़ितों को कुकी आतंकवादियों ने स्नाइपर राइफलों का उपयोग करके गोली मारी।
सीएम के कार्यक्रम स्थल के पास हंगामा
मणिपुर के थौबल जिले में मंगलवार को मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रही भीड़ पर सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर गोलीबारी किए जाने से एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री वांगजिंग टेंथा में नवनिर्मित ब्लॉक विकास कार्यालय (बीडीओ) के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे। पुलिस के बयान के अनुसार, पत्थरों और गुलेल से लैस बड़ी संख्या में लोग भवन में तोड़फोड़ करने के इरादे से कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ रहे थे।




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