former Principal RG Kar Medical College Hospital Sandip Ghosh cheating conspiracy case आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ चलेगा केस, शुभेंदु सरकार ने दी मंजूरी, India News in Hindi - Hindustan
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आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ चलेगा केस, शुभेंदु सरकार ने दी मंजूरी

ईडी ने इससे पहले इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। एजेंसी के अनुसार, अस्पताल के ठेकों और खरीद प्रक्रियाओं में अनियमितताएं हुईं। आरोप है कि कुछ चुनिंदा फर्मों को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर किया गया।

Tue, 19 May 2026 12:25 AMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल के खिलाफ चलेगा केस, शुभेंदु सरकार ने दी मंजूरी

पश्चिम बंगाल सरकार ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के मामले में केस चलाने की मंजूरी दे दी है। यह मामला अस्पताल में भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई कर रही है। सरकार की ओर से दी गई इस मंजूरी के बाद अब जांच एजेंसियां अदालत में उनके खिलाफ मुकदमा आगे बढ़ा सकेंगी।

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डॉ. संदीप घोष का नाम पहली बार उस समय सुर्खियों में आया था जब अगस्त 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और वित्तीय लेनदेन को लेकर कई गंभीर आरोप लगे थे। जांच के दौरान एजेंसियों ने दावा किया कि घोष ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कुछ निजी कंपनियों और सप्लायरों को लाभ पहुंचाया। आरोप है कि मेडिकल उपकरणों और अन्य सामानों की खरीद में नियमों का उल्लंघन किया गया और बदले में कमीशन लिया गया।

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टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर के आरोप

ईडी ने इससे पहले इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल की थी। एजेंसी के अनुसार, अस्पताल के ठेकों और खरीद प्रक्रियाओं में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुईं। आरोप है कि कुछ चुनिंदा फर्मों को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर किया गया। जांच एजेंसियों का यह भी कहना है कि कथित रिश्वत की रकम को अलग-अलग खातों के जरिए छिपाने की कोशिश की गई। वहीं, सीबीआई ने भी संदीप घोष और अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

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सरकार की ओर से अभियोजन की मंजूरी मिलने को जांच में बड़ा कदम माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी अधिकारियों या संस्थानों से जुड़े मामलों में मुकदमा चलाने के लिए संबंधित सरकार की इजाजत जरूरी होती है। अब एजेंसियां अदालत में मजबूत तरीके से केस पेश कर सकेंगी। इस पूरे मामले ने पश्चिम बंगाल की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी मेडिकल संस्थानों में पारदर्शिता को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं। आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद राज्यभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठी थी।