दलित छात्र की मौत पर गरमाई केरल की सियासत, कांग्रेस ने लगाया दिखावटी जांच का आरोप
केरल के कन्नूर में दलित छात्र की मौत को लेकर सियासत गर्म हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि इस मामले में एसआईटी गठित करके जांच करवानी चाहिए। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इस मामले में दिखावटी जांच से काम नहीं चलेगा।

केरल के कन्नूर डेंटल कॉलेज में दलित छात्र की मौत को लेकर सियासत गर्म हो गई है। मृतक छात्र नितिन राज आरएल के परिवार ने आरोप लगाया है कि नितिन की जाति, रंग और माता-पिता के दिहाड़ी मजदूर होने की वजह से उसे प्रताड़ित किया जाता था और अकसर अपमानित किया जाता था। नितिन तिरुवनंतपुरम के ही उझामलक्कल गांव का रहने वाला था और कन्नूर जिले के अंजराकंडी में कन्नूर डेंटल कॉलेज में बीडीएस का छात्र था। कॉलेज परिसर में ही बिल्डिंग से गिरकर उसकी मौत हो गई थी। नितिन ने बीते वर्ष ही कॉलेज में ऐडमिशन लिया था।
कांग्रेस बोली- एसआईटी करे जांच
कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सदस्य के.सी. वेणुगोपाल ने केरल सरकार से कन्नूर डेंटल कॉलेज के पहले साल के बीडीएस छात्र आर.एल. नितिन राज की मौत की पूरी जांच शुरू करने और उसे एक विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपने की मांग की है। वेणुगोपाल ने एक बयान में कहा कि नितिन के माता-पिता और सहपाठियों ने एक फैकल्टी सदस्य के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं, और जोर दिया कि एक पूरी जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आनी चाहिए।
केवल दिखावटी जांच हो रही- कांग्रेस
वेणुगोपाल इस घटना को बेहद परेशान करने वाला बताते हुए कहा कि कुछ ऐसे लोगों के कथित आपराधिक कृत्यों के कारण एक परिवार की उम्मीदें टूट गईं, जिनकी मानसिकता निंदनीय है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक समुदाय के भीतर ऐसी सोच का होना गंभीर चिंता का विषय है और कहा कि केवल दो शिक्षकों को निलंबित करना ही पर्याप्त कदम नहीं है। वेणुगोपाल ने आरोपियों को बचाने के उद्देश्य से केवल दिखावटी जांच करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि कांग्रेस ऐसे कदमों का कड़ा विरोध करेगी। उन्होंने नितिन के परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई में हर संभव कानूनी सहायता का भी आश्वासन दिया।
उन्होंने छात्रों द्वारा किए गए खुलासों का जिक्र करते हुए कहा कि कॉलेज में स्थिति चिंताजनक लग रही है; छात्रों का दावा है कि जो लोग शिकायत करते हैं, उन्हें अलग-थलग कर दिया जाता है, निशाना बनाया जाता है, और शैक्षणिक रूप से परेशान किया जाता है-जिसमें प्रैक्टिकल परीक्षाओं में फेल करना और इंटरनल मार्क्स कम करना शामिल है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन ने एक ऐसे शिक्षक को सेवा में बने रहने दिया, जिसके खिलाफ पहले भी इसी तरह की शिकायत पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई थी। वेणुगोपाल ने कड़े हस्तक्षेप की मांग करते हुए सरकार और पुलिस से ठोस कदम उठाने का आग्रह किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




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