18 महीने चला सबसे मुश्किल ऑपरेशन, टायसन ने खाई गोली; जैश के ‘इजरायल ग्रुप’ का ऐसे हुआ सफाया
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के 7 सदस्यीय खूंखार आतंकी मॉड्यूल 'इजराइल ग्रुप' का सफाया कर दिया है। कमांडर सैफुल्ला सहित सभी आतंकी ढेर। पढ़ें डेढ़ साल लंबे ऑपरेशन की पूरी इनसाइड स्टोरी।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षाबलों ने एक साझा अभियान के तहत जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के सात सदस्यीय आतंकी मॉड्यूल का पूरी तरह से सफाया कर दिया है। इस खूंखार मॉड्यूल को 'इजराइल ग्रुप' के नाम से जाना जाता था। रविवार को किश्तवाड़ में हुए एनकाउंटर में इस मॉड्यूल के स्वयंभू कमांडर सैफुल्ला सहित अंतिम तीन आतंकियों के मारे जाने के साथ ही पिछले डेढ़ साल से चल रहा यह सघन ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
18 महीने तक चला ऑपरेशन और आतंकियों का खात्मा
घुसपैठ और एनकाउंटर: जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) भीम सेन टूटी ने बताया कि इन 7 आतंकियों ने अप्रैल 2024 में भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी। इसके बाद से पिछले डेढ़ साल में सुरक्षाबलों का इन आतंकियों से 17 अलग-अलग मौकों पर आमना-सामना हुआ।
कट्टर आतंकी समूह: IGP ने इसे एक कट्टर आतंकी समूह करार दिया, जिसने सुरक्षाबलों और आम नागरिकों को काफी नुकसान पहुंचाया था। सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर किश्तवाड़ के छतरू इलाके में रविवार को कमांडर सैफुल्ला समेत बचे हुए 3 आतंकी ढेर कर दिए गए।
यह मॉड्यूल अप्रैल-मई 2024 से सुरक्षाबलों के रडार पर था। अप्रैल 2025 में इसके 3 आतंकी मारे गए थे। 14 जनवरी 2026 को सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस (JKP) और CRPF ने मिलकर 'ऑपरेशन त्रशी-I' लॉन्च किया। 4 फरवरी को 'आदिल' नाम का आतंकी मारा गया। 21-22 फरवरी की दरम्यानी रात खड़ी पहाड़ियों पर घेराबंदी की गई और 22 फरवरी को सैफुल्ला समेत अंतिम तीन आतंकी मारे गए।
सेना की आतंकियों को कड़ी चेतावनी
काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स (डेल्टा) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) मेजर जनरल ए.पी.एस. बल ने राष्ट्र-विरोधी तत्वों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश का जो भी दुश्मन है, वह जहां भी और जिस रूप में भी होगा, उसे खोजकर निशाना बनाया जाएगा और ढेर कर दिया जाएगा।
मेजर जनरल ने कहा कि खराब मौसम, बारिश, बर्फबारी और भूस्खलन जैसी चुनौतियों के बावजूद सेना, पुलिस और CRPF के बेहतरीन तालमेल ने इस ऑपरेशन को सफल बनाया। जवानों को थकान से बचाने के लिए रोटेशन की योजना बनाई गई थी और रिजर्व टुकड़ियों को जरूरत पड़ने पर एयरलिफ्ट या पैदल मार्च कराया गया।
बहादुर आर्मी डॉग 'टायसन'
मेजर जनरल ए.पी.एस. बल ने ऑपरेशन में शामिल सेना के प्रशिक्षित डॉग 'टायसन' (जर्मन शेफर्ड) के योगदान की विशेष सराहना की। 'ढोक' (पहाड़ी झोपड़ी) के अंदर आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि करने के लिए टायसन को भेजा गया था। आतंकियों की गोलीबारी में वह घायल हो गया, लेकिन उसे तुरंत एयरलिफ्ट करके इलाज के लिए भेजा गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर और खतरे से बाहर है।
सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों के पास से तीन AK-47 राइफलें और अन्य हथियार बरामद किए गए। दुर्गम इलाके और खराब मौसम के बावजूद इस एनकाउंटर में सुरक्षाबलों को कोई जनहानि नहीं हुई।
आगे की कार्रवाई और अवाम का सहयोग
मददगारों पर गिरेगी गाज: IGP टूटी ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने इन आतंकियों को पनाह दी या उनकी मदद की, उन पर भी आने वाले दिनों में कड़ी और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।
केवल 3 स्थानीय आतंकी बचे: किश्तवाड़ जिले में अब केवल 3 स्थानीय आतंकी बचे हैं, जो पिछले दो दशकों से सक्रिय हैं। बीच के सालों में भर्ती हुए सभी नए आतंकियों का सफाया हो चुका है।
जनता का मिला साथ: अधिकारियों ने आम जनता यानी कश्मीरी अवाम के समर्थन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ज्यादातर खुफिया इनपुट्स आम लोगों से ही मिले हैं। जनता भारत के साथ खड़ी है और आतंकियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।




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