सिद्धारमैया को मिला खरगे वाली पोस्ट का ऑफर, कांग्रेस पसंद का कोई भी पद देने को तैयार
पीटीआई भाषा के अनुसार, ऐसी चर्चा है कि पार्टी के भीतर कुछ नेताओं ने सिद्धरमैया को राज्यसभा भेजने और डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने का फार्मूला सुझाया, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे अस्वीकार कर दिया। बहरहाल, कांग्रेस की ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है।

कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदले जाएंगे या नहीं, इसे लेकर अब तक फैसला नहीं हो सका है। खबरें हैं कि कांग्रेस ने सिद्धारमैया को संदेश दे दिया है कि पार्टी राज्य में बदलाव की ओर देख रही है। कहा यह भी जा रहा है कि उन्हें राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष समेत उनकी पसंद के किसी भी पद को लेने का ऑफर दिया गया है। हालांकि, इन्हें लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार मंगलवार को दिल्ली पहुंचे थे।
सिद्धारमैया से क्या बोली कांग्रेस
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने कहा है कि मुख्यमंत्री को विचार करने का समय दिया गया है। कहा जा रहा है कि सिद्धारमैया के कद को देखते हुए उन्हें कोई निश्चित समय सीमा नहीं दी गई है। अब संभावनाएं जताई जा रही हैं कि वह जल्द ही फैसला ले सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व की तरफ से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के साफ संकेत दिए जा रहे थे।
राहुल गांधी ने की लंबी बात
रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने सिद्धारमैया से करीब एक घंटे तक अलग से बात की थी। खबर है कि कांग्रेस को पता है कि सिद्धारमैया के पास कांग्रेस के अधिकांश विधायकों का समर्थन है। साथ ही वह ओबीसी से एकमात्र मुख्यमंत्री हैं। सूत्रों ने अखबार को बताया कि इस बदलाव के फैसले को बहुत सावधानी से आगे बढ़ाना होगा। सिद्धारमैया के कद को देखते हुए उन्हें पूरा सम्मान देना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की बगावत या शक्ति-प्रदर्शन की नौबत न आए।
कोई भी पद देने को तैयार कांग्रेस?
सूत्रों ने अखबार को बताया कि सिद्धारमैया से कहा गया है कि वह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से लेकर राज्यसभा सांसद तक कोई भी पद चुन सकते हैं। साथ ही कहा गया है कि वह बाद में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष भी बन सकते हैं। फिलहाल, यह पद वरिष्ठ सांसद मल्लिकार्जुन खरगे के पास है। हालांकि, यह कहा जा रहा है कि सिद्धारमैया दिल्ली आने के लिए इच्छुक नहीं हैं।
पीटीआई भाषा के अनुसार, ऐसी चर्चा है कि पार्टी के भीतर कुछ नेताओं ने सिद्धरमैया को राज्यसभा भेजने और डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने का फार्मूला सुझाया, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे अस्वीकार कर दिया। बहरहाल, कांग्रेस की ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है।
दरअसल, कर्नाटक में खाली हो रही राज्यसभा की चार सीट में से कांग्रेस तीन और भाजपा एक सीट जीतने की स्थिति में है। खरगे का राज्यसभा सदस्य के तौर पर कार्यकाल खत्म हो रहा है और उनके कर्नाटक से ही एक बार फिर चुने जाने की संभावना है।
कांग्रेस ने अटकलों को खारिज किया
कांग्रेस ने मंगलवार को कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा को अटलबाजी करार दिया और कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के साथ आलाकमान की बैठक में सिर्फ राज्यसभा एवं विधान परिषद के चुनावों को लेकर चर्चा की गई। पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में चली मैराथन बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला शामिल थे।
इस बैठक के बाद वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, 'पूरी चर्चा आगामी राज्यसभा चुनाव और कर्नाटक के विधान परिषद चुनाव पर ही केंद्रित रही। आप लोग जो भी अनुमान लगा रहे हैं, वह केवल अटकलबाजी है। इसमें बिल्कुल भी वास्तविकता नहीं है।' उनका कहना था, 'कर्नाटक से राज्यसभा सीटों के चुनाव और विधान परिषद चुनाव के उम्मीदवारों की घोषणा अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के साथ ही की जाएगी... हमने आज यही निर्णय लिया है और कुछ भी नहीं।'




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