सिद्धारमैया बनेंगे नीतीश? पर सम्राट नहीं बन पाएंगे डीके शिवकुमार; कर्नाटक में बिहार जैसा खेल पर एक पेच
कर्नाटक में भी बिहार जैसा सियासी फार्मूला बनाया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को नीतीश कुनार की ही तरह संसद के उच्च सदन में भेजा जा सकता है लेकिन बिहार के उप मुख्यमंत्री रहे सम्राट चौधरी की तरह कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को CM नहीं बनाया जाएगा।

कर्नाटक का सियासी नाटक एक बार फिर दिल्ली दरबार में आ पहुंचा है। मामले को सुलझाने के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने वहां के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, दोनों को ही दिल्ली तलब किया है और दोनों ही नेता दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी नेताओं संग बैठकें कर रहे हैं। इस बीच, सूत्रों ने HT को बताया है कि पार्टी आलाकमान कर्नाटक में "सत्ता हस्तांतरण" के पक्ष में है और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के लिए दूसरे रास्ते तलाशे जा रहे हैं लेकिन पेच यह है कि इस सत्ता परिवर्तन में उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का प्रमोशन नहीं होने जा रहा है।
सूत्रों ने बताया कि कर्नाटक में भी बिहार जैसा सियासी फार्मूला बनाया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को नीतीश कुनार की ही तरह संसद के उच्च सदन में भेजा जा सकता है लेकिन बिहार के उप मुख्यमंत्री रहे सम्राट चौधरी की तरह कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा। सूत्रों ने यह भी बताया कि जैसे बिहार में नीतीश खुमार के बेटे को मंत्री बनाया गया, उसी तरह से सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र के लिए कैबिनेट में एक पद सुरक्षित किया जा सकता है।
बिहार जैसी व्यवस्था
अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो यह बिल्कुल वैसी ही होगी जैसी कुछ हफ़्ते पहले बिहार में हुई थी। बता दें कि नीतीश कुमार ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ा और राज्यसभा चले गए; उनकी जगह उनके डिप्टी सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री का पद संभाला। इसके अलावा, नीतीश के बेटे निशांत कुमार ने पटना में बिहार के नए स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर कार्यभार संभाला।
वेणुगोपाल बन सकते हैं कांग्रेस अध्यक्ष
भले ही सिद्धारमैया राज्यसभा चले जाएं, लेकिन हो सकता है कि उनके डिप्टी डीके शिवकुमार फिर भी मुख्यमंत्री न बन पाएं। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने HT को बताया है कि अगर कांग्रेस सिद्धारमैया को राज्यसभा जाने के लिए मना भी लेती है, तो भी हो सकता है कि वह शिवकुमार को अपना उत्तराधिकारी बनाने के लिए राजी न हों। ऐसी स्थिति में, कांग्रेस मुख्यमंत्री पद के लिए मल्लिकार्जुन खरगे को आगे कर सकती है, जो बीच का रास्ता हो सकता है। इससे राहुल गांधी के लिए केसी वेणुगोपाल को पार्टी का अगला अध्यक्ष बनाने का रास्ता भी साफ हो जाएगा और पार्टी के केंद्रीय संगठन में जरूरी बदलाव करने का मौका भी मिल जाएगा। हालांकि, अभी के हिसाब से यह सबसे कम संभावना वाला विकल्प है।
खरगे, वेणुगोपाल और सुरजेवाला बदलाव के पक्ष में
खास बात यह है कि केरल में मुख्यमंत्री पद के लिए KC वेणुगोपाल को सबसे पसंदीदा उम्मीदवार माना जा रहा था, लेकिन आखिर में VD सतीशान ने यह दौड़ जीत ली। रिपोर्ट के मुताबिक, खरगे, वेणुगोपाल और राज्य के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला, तीनों ही कर्नाटक में "सत्ता हस्तांतरण" के पक्ष में हैं, जबकि इससे पहले तक यह कहा जा रहा था कि पार्टी आलाकमान इसके पक्ष में नहीं है।
CM के सवाल पर DKS की मुस्कान
इधर, दिल्ली पहुंचने के बाद जब मीडिया ने शिवकुमार से पूछा कि क्या वह मुख्यमंत्री का पद संभालेंगे तो इस पर कांग्रेस नेता ने कोई जवाब देने से मना कर दिया, लेकिन अपनी कार में जाते हुए वो रिपोर्टरों को देखकर मुस्कुरा दिए। हालांकि, घटनाक्रम से वाकिफ लोगों का यह भी कहना है कि सिद्धारमैया के समर्थक उम्मीद कर रहे हैं कि शिवकुमार अभी यह भूमिका संभाल लें और मुख्यमंत्री पद पर उनके दावे का पटाक्षेप हो जाए लेकिन पार्टी 2028 में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर फूंक-फूंककर कदम बढ़ा रही है।




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