बहुत हुआ ऊहापोह! अब करें पटाक्षेप; कर्नाटक के गृह मंत्री की पार्टी आलाकमान से क्यों ऐसी गुहार
क्या कर्नाटक कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है? यहां के गृहमंत्री परमेश्वर के बयान के बाद तो यही अंदाजा लगाया जा रहा है। जी परमेश्वर ने कांग्रेस आलाकमान से गुहार लगाई है कि वह नेतृत्व को लेकर चल रही अनिश्चितता को खत्म करें।

क्या कर्नाटक कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है? यहां के गृहमंत्री परमेश्वर के बयान के बाद तो यही अंदाजा लगाया जा रहा है। जी परमेश्वर ने कांग्रेस आलाकमान से गुहार लगाई है कि वह नेतृत्व को लेकर चल रही अनिश्चितता को खत्म करें। परमेश्वर ने कहाकि मैं हमेशा कहता आया हूं कि पार्टी में पॉलिटिकल कंफ्यूजन प्रशासन को प्रभावित करता है। उन्होंने आगे कहाकि मुझे लगता है कि हमारी पार्टी में कोई राजनीतिक अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए। इसलिए यह राज्य और जनता के हित में है कि इसे सुलझा लिया जाए। यह सब तब हुआ है जब कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है। इनमें मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी शामिल हैं। इस बुलावे ने प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं को तेज कर दिया है।
दिल्ली में सजेगा दरबार
गौरतलब है कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री के 26 मई को कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात करने वाले हैं। सिद्धरमैया ने सोमवार को कहाकि उन्हें कांग्रेस आलाकमान ने 26 मई को दिल्ली में एक बैठक के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि, सिद्धरमैया ने कहा कि उन्हें बैठक के एजेंडे के बारे में कोई जानकारी नहीं है। दिल्ली दौरे के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने संवाददाताओं से कहाकि मुझसे दिल्ली आने के लिए कहा गया है। कल पूर्वाह्न 11 बजे एक बैठक है। मुझे एजेंडे के बारे में पता नहीं है, लेकिन मुझे आमंत्रित किया गया है। कल रात के सी वेणुगोपाल (कांग्रेस महासचिव-संगठन) ने मुझे फोन करके बैठक की तारीख के बारे में बताया।
सिद्धरमैया बोले-यह तो चलता रहता है
आलाकमान के साथ उनकी मुलाकात को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहाकि ये अटकलें तो हमेशा रहती हैं। मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले कुछ मंत्री, जैसे सतीश जारकीहोली, जी परमेश्वर, एचसी महादेवप्पा और कुछ अन्य भी दिल्ली जा रहे हैं। इस बीच, दिल्ली दौरे को लेकर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शिवकुमार ने कहाकि कुछ खास परिस्थितियों में मुझे जाना ही पड़ेगा, मैं जा रहा हूं। मीडिया के साथ साझा की गई उपमुख्यमंत्री के दौरे की योजना के अनुसार, शिवकुमार आज रात दिल्ली के लिए रवाना होंगे और मंगलवार को केंद्रीय मंत्रियों से मिलेंगे। उनकी वापसी की यात्रा अभी तय नहीं है।
डीके शिवकुमार ने क्या कहा
इससे पहले दिन में उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने संवाददाताओं से कहा था कि अगर मुझे (आलाकमान द्वारा) बुलाया जाता है, तो मैं जाऊंगा। उन्होंने कहाकि मुझे नहीं पता सुरजेवाला (कर्नाटक के प्रभारी कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, जो बेंगलुरु में हैं) क्या कहेंगे। मैं उनसे पूछूंगा। अगर वे मुझे (दिल्ली) आने के लिए कहेंगे तो मैं जाऊंगा। अन्यथा मैं यहीं रहूंगा। मुख्यमंत्री बदलने के मुद्दे पर पूछे गए प्रश्न का उत्तर देने से बचते हुए शिवकुमार ने कहाकि मुझे इसके बारे में जानकारी नहीं है, मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता, यह मेरा काम नहीं है।
लगातार जारी हैं अटकलें
कर्नाटक में 20 मई को कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद से नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर अटकलें जारी हैं। पार्टी और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हालांकि कांग्रेस आलाकमान द्वारा सिद्धरमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच नेतृत्व को लेकर खींचतान को सुलझाने पर चर्चा किये जाने की व्यापक संभावना है, लेकिन कर्नाटक की चार राज्यसभा सीट के आगामी चुनाव पर भी चर्चा हो सकती है, जिनमें से कांग्रेस तीन सीट जीत सकती है। राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शुरू किए जाने का मुद्दा भी बैठक में शामिल हो सकता है।
क्या चाहते हैं डीके समर्थक
शिवकुमार के समर्थक 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनने को लेकर हुए कथित समझौते के तहत उनकी (शिवकुमार) पदोन्नति पर जोर दे रहे हैं। सिद्धरमैया ने कहा है कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। उन्होंने कहा है कि वह आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे और पार्टी द्वारा बुलाए जाने पर चर्चा के लिए दिल्ली जाएंगे। शिवकुमार ने लगातार यही कहा है कि वह कांग्रेस नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे और मुख्यमंत्री पद पर परिवर्तन के संबंध में परिणाम समय के साथ पता चल जाएगा।
पार्टी में क्या माहौल
पार्टी के कई नेता चिंतित हैं कि नेतृत्व का मुद्दा शासन और कांग्रेस सरकार की छवि पर असर डाल रहा है। उन्होंने खुले तौर पर मांग की है कि 2028 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में पार्टी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आलाकमान इस मुद्दे को सुलझाए। पार्टी में कई एएचआईएनडीए (अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्गों और दलितों के लिए कन्नड़ संक्षिप्त नाम) नेता, जिन्हें सिद्धरमैया के खेमे का हिस्सा माना जाता है, चाहते हैं कि नेतृत्व परिवर्तन होने पर उनके ही किसी व्यक्ति को इस पद पर बिठाया जाए। इसके अलावा, एक दलित मुख्यमंत्री की भी मांग है, जिसके चलते पार्टी के एक वर्ग द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और गृहमंत्री जी परमेश्वर का नाम भी सामने रखा जा रहा है।




साइन इन