IPS छोड़ नेता बने थे अन्नामलाई, कितने करोड़ की संपत्ति के हैं मालिक; जानें नेटवर्थ
Annamalai Resignation: तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई नई राजनीतिक पारी की तैयारी करते नजर आ रहे हैं। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि वह जल्द भाजपा छोड़कर नए दल की घोषणा कर सकते हैं।

के अन्नामलाई, बीते एक दशक में तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी के सबसे चर्चित नेता अब राह बदलने की तैयारी कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि वह जल्द ही भाजपा छोड़कर नए दल का गठन कर सकते हैं। हालांकि, खबरें ये भी हैं कि उन्हें भाजपा ने फिलहाल रोक लिया है और चर्चाओं का दौर जारी है। 2024 में भाजपा से लोकसभा चुनाव लड़ चुके अन्नामलाई IPS से लेकर नेता तक का सफर तय कर चुके हैं। क्या आप जानते हैं कि वह कितने अमीर हैं।
तमिलनाडु की राजनीति से करियर की शुरुआत करने वाले अन्नामलाई जल्द राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रहते हैं। ADR यानी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की साल 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, अन्नामलाई की कुल संपत्ति 4 करोड़ 7 लाख 26 हजार 627 रुपये है। इसमें चल संपत्ति 2 करोड़ 42 लाख 26 हजार 627 रुपये है। जबकि, अचल संपत्ति 1 करोड़ 65 लाख रुपये है।
कौन हैं अन्नामलाई
41 साल के अन्नामलाई साल 2011 बैच के कर्नाटक कैडर से IPS यानी भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी थे। मई 2019 में उन्होंने पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया था। इस दौरान वह उडुपी समेत कई जिलों में पुलिस अधीक्षक रहे। जब उन्होंने इस्तीफा दिया, तब वह बेंगलुरु दक्षिण में उपायुक्त के पद पर थे। वह बताते हैं कि एक वरिष्ठ अधिकारी स्वाइन फ्लू से मौत और कैलाश मानसरोवर की यात्रा ने उनके फैसले पर बहुत असर डाला था।
क्यों छोड़ रहे हैं भाजपा
टीवीके के उभार से विपक्षी खेमे में होने के बावजूद भाजपा और उसके सहयोगी अन्नाद्रमुक को बड़ा झटका लगा था। इसके बाद से अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन के विरोधी रहे भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने एक बार तीखे तेवर अपना लिए हैं। उनके समर्थकों ने राज्य में नई पार्टी बनाने और अलग से अपना अभियान शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है।
भाजपा ने इस्तीफा लेने से कर दिया इनकार
सूत्रों का कहना है कि अन्नामलाई ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन व गृह मंत्री अमित शाह के सामने अपनी भावी भूमिका को लेकर चर्चा की है। अन्नामलाई राज्य की राजनीति में अपनी कार्ययोजना के अनुसार काम करना चाहते हैं। भले ही वह पार्टी अध्यक्ष न बनाए जाएं, लेकिन कार्ययोजना उनकी रहे, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने इससे साफ इंकार कर दिया है और कहा कि वह अपनी नई भूमिका के लिए इंतजार करें। उन्हें वही करना होगा जो पार्टी उनके लिए तय करेगी।
हिन्दुस्तान के सूत्रों ने लिखा कि शाह से मुलाकात के बाद अन्नामलाई ने संकेत दिए हैं कि वह कुछ समय इंतजार कर सकते हैं। उनके नजदीकी सूत्रों का कहना है कि अन्नामलाई ने अभी इस्तीफा नहीं दिया, लेकिन भूमिका स्पष्ट न होने पर पार्टी छोड़ने की बात जरूर रखी है। दरअसल भाजपा नेतृत्व उनको केंद्र की राजनीति में लाना चाहता है, जबिक अन्नामलाई राज्य में ही रहना चाहते हैं। चूंकि तमिलनाडु में 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले कोई अहम चुनाव भी नहीं है, ऐसे में भाजपा वहां पर अपनी रणनीति को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती है, बल्कि खुद की जमीन तो मजबूत करना चाहती है।




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