Jungle raj, wild west vs Banana Republic hot clash in Telangana High Court over Pawan Khera interim bail petition क्या हम ‘बनाना रिपब्लिक’ हैं? पवन खेड़ा की जमानत पर HC में AG-सिंघवी में घंटे भर संग्राम, नहीं मिली राहत, India News in Hindi - Hindustan
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क्या हम ‘बनाना रिपब्लिक’ हैं? पवन खेड़ा की जमानत पर HC में AG-सिंघवी में घंटे भर संग्राम, नहीं मिली राहत

अभिषेक मनु सिंघवी ने अपनी दलील में कहा कि पवन खेड़ा के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित लगते हैं और ये जंगल राज और वाइल्ड वेस्ट (अराजकता) के समान हैं।

Thu, 9 April 2026 05:54 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, हैदराबाद
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क्या हम ‘बनाना रिपब्लिक’ हैं? पवन खेड़ा की जमानत पर HC में AG-सिंघवी में घंटे भर संग्राम, नहीं मिली राहत

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत अर्जी पर तेलंगाना हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई होगी और संभवत: फैसला सुनाया जाएगा। खेड़ा ने यह याचिका असम पुलिस द्वारा दर्ज जालसाजी और आपराधिक साजिश के एक मामले में अग्रिम जमानत पाने के लिए दायर की थी। खेड़ा की तरफ से वर्चुअली पेश हुए कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने असम की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार द्वारा दर्ज मामले में राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया।

सिंघवी ने अपनी दलील में कहा कि खेड़ा के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित लगते हैं और ये "जंगल राज" और "वाइल्ड वेस्ट" (अराजकता) के समान हैं। बार एंड बेंच के मुताबिक, सिंघवी ने अपनी दलील में कहा, “क्या हम 'वाइल्ड वेस्ट' में रह रहे हैं, जहाँ इस तरह की शिकायत के लिए मुझे गिरफ़्तार करना पड़ेगा? FIR में हर मुमकिन आरोप लगाया गया है। आरोप यह है कि मैंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और आपके खिलाफ मानहानिकारक बयान दिए। सिर्फ़ मुझे परेशान करने के लिए आपने हर मुमकिन आरोप इसमें जोड़ दिया है।”

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मैं एक राजनीतिक विरोधी हूँ

सिंघवी ने आगे कहा, "मैं एक राजनीतिक विरोधी हूँ। अगर आप इस तरह लोगों को गिरफ़्तार करना शुरू कर देंगे, तो यह 'जंगल राज' के अलावा और कुछ नहीं होगा।" इस पर असम सरकार की तरफ से पेश राज्य के महाधिवक्ता (AG) देवजीत सैकिया ने सिंघवी के इन दावों का खंडन किया और खेड़ा पर जालसाजी का आरोप लगाया। सैकिया ने यह भी पूछा कि खेड़ा तेलंगाना हाई कोर्ट क्यों आए, जबकि वे दिल्ली में रहते हैं और मामला असम में दर्ज किया गया है। सैकिया ने खेड़ा की याचिका का विरोध करते हुए दलील दी कि कोई राजनीतिक प्रतिशोध नहीं है और याचिका तेलंगाना उच्च न्यायालय में विचारणीय नहीं है।

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क्या असम एक बनाना रिपब्लिक है?

उन्होंने अदालत से पूछा कि क्या असम एक बनाना रिपब्लिक है? कि खेड़ा यहां नहीं आ सकते। उन्होंने कहा, "ऐसा कोई संकेत नहीं है कि वे असम नहीं आ सकते। असम कोई 'बनाना रिपब्लिक' (अराजक देश) नहीं है। उनकी जान को कोई खतरा नहीं है।" इस पर सिंघवी ने कहा कि वहां जंगलराज है, असम वाइल्ड वेस्ट बन गया है। दोनों के बीच करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक गरमागरम बहस होती रही। बाद में जस्टिस के. सुजाना ने इस पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया। खेड़ा के वकील पोन्नम अशोक गौड़ ने कहा कि शुक्रवार को आदेश सुनाया जा सकता है।

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खेड़ा के दिल्ली आवास पर गई थी असम पुलिस

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, असम पुलिस 7 अप्रैल को खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर गई थी, लेकिन वे वहाँ मौजूद नहीं थे। दरअसल, असम पुलिस ने खेड़ा के खिलाफ कथित मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साज़िश का मामला दर्ज किया है। यह मामला उनके हालिया दावों के बाद दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां हैं।