Jagdeep Dhankhar Ex Vice President Video Viral Says Aaj Kal Dadhi Rakhne Walo Ko Dekhte hi Dar Lagta Hai दाढ़ी रखने वालों को देखते ही डर लगता है, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का वीडियो वायरल, India News in Hindi - Hindustan
More

दाढ़ी रखने वालों को देखते ही डर लगता है, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का वीडियो वायरल

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह स्वागत करने वाले व्यक्ति से कहते हैं कि दाढ़ी रखने वालों को देखते ही डर लगता है। यह सुनते ही उनके आसपास के लोग ठहाके लगाकर हंसने लगते हैं।

Thu, 26 Feb 2026 10:29 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
share
दाढ़ी रखने वालों को देखते ही डर लगता है, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का वीडियो वायरल

राजस्थान के चूरू जिले में पहुंचे पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसमें वह मजाकिया अंदाज में कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि जब मैं दाढ़ी वाले को देखता हूं तो डर जाता हूं। मेरा ओएसडी भी अपनी दाढ़ी से मुझे डरा देता है। धनखड़ ने ये बातें उनका स्वागत करने वाले व्यक्ति से कही। उस व्यक्ति ने दाढ़ी रख रखी थी, जिस पर धनखड़ ने हंसते हुए कहा, ''आजकल ये दाढ़ी वालों को देखते ही डर लगता है।'' पूर्व उपराष्ट्रपति का यह बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया है।

दरअसल, जगदीप धनखड़ कांग्रेस सांसद राहुल कास्वां के सादुलपुर स्थित आवास पहुंचे थे। इस दौरान के कई वीडियो सामने आए हैं। एक अन्य वीडियो में जगदीप धनखड़ ने बड़ा दावा किया कि उन्होंने बीमार होने की वजह से इस्तीफा नहीं दिया था। वह कहते हैं, ''मैंने कभी भी स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नहीं बरती। जब मैंने कहा कि मैं पद त्यागता हूं तो कभी यह नहीं कहा कि मैं बीमार हूं। मैंने कहा कि मैं स्वास्थ्य को अहमियत दे रहा हूं।''

पिछले साल जुलाई महीने में जगदीप धनखड़ ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति को भेजे गए अपने इस्तीफे में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था, लेकिन कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष ने इस्तीफे के पीछे अन्य वजह बताई थी। सूत्रों ने दावा किया था कि इस इस्तीफे के पीछे राज्यसभा में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने का नोटिस वजह बना था। विपक्ष के 63 सदस्यों के साइन वाले इस हस्ताक्षर को धनखड़ ने स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद माना जा रहा था कि इसका क्रेडिट विपक्ष को मिलता। इसी वजह से बाद में धनखड़ को इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि, आधिकारिक तौर पर धनखड़ ने अपने इस्तीफे के पीछे खराब स्वास्थ्य कारण ही बताया था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:धनखड़ को किसानों की आवाज उठाने की कीमत चुकानी पड़ी: कांग्रेस
ये भी पढ़ें:जगदीप धनखड़ पर कोई दबाव नहीं, बस इस्तीफा दिया और चले गए: हामिद अंसारी
ये भी पढ़ें:धनखड़ जैसा हाल होगा, BJP के IT सेल की तरह कर रहे काम; CEC पर क्यों भड़कीं ममता

लंबे समय तक चुप्पी ने बढ़ाया सस्पेंस

उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद जगदीप धनखड़ की लंबे समय तक चुप्पी से सस्पेंस बढ़ा दिया था। वह सार्वजनिक तौर पर काफी दिनों बाद देखे गए थे। विपक्ष भी इस मामले में सरकार पर काफी हमलावर रहा था और धनखड़ को फेयरवेल देने की मांग की थी। काफी महीनों के बाद धनखड़ भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में नजर आए थे, जहां पर उनका बयान चर्चा में आ गया था। एक किताब के विमोचन में पहुंचे धनखड़ ने कहा था कि भगवान करे कोई नरेटिव के चक्कर में न फंस जाए। मैं अपना उदाहरण नहीं दे रहा हूं, बल्कि ये सब इस किताब के बारे में कह रहा हूं। धनखड़ का यह बयान भी काफी वायरल हुआ था।