Iran War Latest Updates On LPG crisis Indian government said that situation is worrying due to Iran war ईरान युद्ध की वजह से चिंताजनक बनी हुई है LPG की स्थिति, लेकिन... संकट पर बोली सरकार, India News in Hindi - Hindustan
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ईरान युद्ध की वजह से चिंताजनक बनी हुई है LPG की स्थिति, लेकिन... संकट पर बोली सरकार

देश में जारी एलपीजी संकट को लेकर केंद्र सरकार ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी ईरान युद्ध की वजह से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि, सरकार ने भरोसा दिलाया कि अभी तक देश में कहीं भी इसकी कमी देखने को नहीं मिली है, सरकार लगातार दूसरे विकल्पों की तरफ आगे बढ़ रही है।

Thu, 19 March 2026 05:00 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान युद्ध की वजह से चिंताजनक बनी हुई है LPG की स्थिति, लेकिन... संकट पर बोली सरकार

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लगभग तीन हफ्ते हो चुके हैं। इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है। सबसे बड़े ऊर्जा आयातकों में से एक भारत भी इससे अछूता नहीं है। केंद्र सरकार लगभग प्रतिदिन ही लोगों को शांत रहने की अपील कर रही है, लेकिन जनता के बीच में डर बना हुआ है। आज भी पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से एलपीजी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, हालांकि फिलहाल देश में संतोषजनक मात्रा में एलपीजी मौजूद है। किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के यहां कोई कमी सामने नहीं आई है। इसके अलावा देश में क्रूड ऑयल के भी पर्याप्त भंडार मौजूद हैं। साथ ही पेट्रोल पंपों, घरेलू पीएनजी और गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी की सप्लाई भी लगातार जारी है।

देश की जनता से शांति की अपील करते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने इस संकट के बीच सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को विस्तार बताया। उन्होंने कहा, "कच्चे तेल की स्थिति और रिफाइनरी संचालन सामान्य है। पेट्रोल पंपों पर भी कहीं भी सूखा (ड्राई-आउट) नहीं देखा गया है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी की भी पर्याप्त सप्लाई बनी हुई है।" उन्होंने कहा, "हम पिछले कुछ दिनों से व्यापारिक एलपीजी उभोक्ताओं से अपील कर रहे हैं कि जहां तक संभव हो, एलपीजी से सीएनजी की ओर शिफ्ट करें, सरकार इस दिशा में कंपनियों को भी प्रोत्साहन दे रही है।"

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पीएनजी पर शिफ्ट हो रहे उपभोक्ता: सरकार

एलपीजी संकट के बीच में सरकार ने पीएनजी की ओर उपोभोक्ताओं को शिफ्ट करने के काम में तेजी लाई है। इस प्रक्रिया को आसान भी बनाया गया है। सुजाता शर्मा ने बताया, "भारत सरकार ने सभी राज्य सरकारों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त वाणिज्यिक पीएनजी देने का वादा किया है, यह प्रक्रिया पीएनजी नेटवर्क को मजबूत और विस्तार देने में मदद करेगी। हमारे इन संयुक्त प्रयासों से पिछले दो हफ्तों में लगभग 1,25,000 नए घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक कनेक्शन जारी किए गए हैं। पिछले तीन दिनों में 5,600 से अधिक एलपीजी उपभोक्ता पीएनजी में भी शिफ्ट हुए हैं।"

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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध चिंता का विषय: सरकार

मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पश्चिम एशिया में तेल रिफाइनरियों और क्रूड ऑयल भंडारों पर होते हमलों को लेकर भी अपनी चिंता जताई। उन्होंने कहा, "चल रहे युद्ध के कारण एलपीजी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि, कहीं भी कोई कमी नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग भी बढ़कर 94 फीसदी हो गई है। इसके अलावा 83 फीसदी रिफिल डिलीवरी ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेट’ कोड के माध्यम से की जा रही है। घबराहट में की जाने वाली बुकिंग (पैनिक बुकिंग) में कमी आ रही है। लगभग 17 राज्य सरकारों ने वाणिज्यिक एलपीजी के लिए आवंटन आदेश जारी किए हैं। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति आवंटित की जा चुकी है।"

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पेट्रोलियम मंत्रालय के अलावा एमईए ने भी इस संकट को लेकर अपना पक्ष रखा। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से केवल भारत ही नहीं लगभग सभी देशों में ऊर्जा का संकट है। उन्होंने बताया कि कतर, से भारत की लभगभ 40 फीसदी से ज्यादा एलपीजी आती है, ऐसे में जब उनकी रिफाइनरियों पर हमला होता है और होर्मुज बंद रहता है, तो भारत में भी इसका असर देखने को मिलता है। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार लगातार इसका विकल्प खोजने का प्रयास कर रही है।