जमीन पर ईरान-US लड़ रहे लेकिन... पश्चिम एशिया की जंग पर बोले राहुल गांधी, केंद्र को चेताया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया की जंग को लेकर कहा कि जमीन पर भले ही यह जंग तीन देशों के बीच में लगे लेकिन असल में यह सुपर पावर के वर्चस्व की लड़ाई है। एक सुपर पावर अमेरिका है, दूसरा उसको चुनौती देने वाला चीन है।

Rahul Gandhi: पश्चिम एशिया में जारी जंग को लेकर लोकसभा नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि भले ही पश्चिम एशिया की यह जंग ऊपर से ईरान बनाम अमेरिका और इजरायल की लग रही हो, लेकिन असल में इसके पीछे अमेरिका, चीन और रूस जैसी महाशक्तियों का टकराव है। गौरतलब है कि पिछले 6 दिनों से ईरान और अमेरिका, इजरायल के बीच में जंग जारी है। इसमें हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
राहुल ने केरल के इदुक्की में एक कार्यक्रम के दौरान एक युवा के सवाल का जवाब देते हुए खाड़ी क्षेत्र की जंग पर अपनी राय दी। उन्होंने कहा, "भले ही ऊपर से यह आपको, इजरायल और ईरान के बीच का युद्ध लगता हो, लेकिन असल में यह अमेरिका, चीन और रूस के बीच का संघर्ष है। यह संघर्ष ईरान, यूक्रेन और अन्य जगहों पर हो रहा है, लेकिन असली टकराव यह है कि एक सुपरपावर अमेरिका है और दूसरा उसको चुनौती देने वाला चीन है।"
भारत के लिए भी खतरा: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता ने इस युद्ध में भारत के लिए उत्पन्न हुए खतरे पर भी बात की। उन्होंने बताया कि दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते इस संकट की वजह से खतरे में है। उन्होंने कहा, "मध्य-पूर्व दुनिया के ऊर्जा उत्पादन का केंद्र है। दुनिया की बड़ी मात्रा में ऊर्जा वहीं से आती है। हॉर्मुज स्ट्रेट बंद है। अमेरिका ईरान पर हमला कर रहा है और ईरान अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर रहा है। ऐसी स्थिति में इन वैश्विक संघर्षों का सीधा असर भारत पर पड़ेगा क्योंकि भारत का ज्यादातर तेल आयात इसी रास्ते से होता है। अगर आपूर्ति कम होती है, तो जल्दी ही तेल की कीमतें बढ़ने लगेंगी और देश की आर्थिक रफ्तार धीमी हो सकती है।"
भारत को तय करनी होगी वैश्विक रणनीति: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार की वैश्विक नीति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "हमें अपनी विदेश नीति के बारे में बिल्कुल स्पष्ट रहना होगा।अगर हम इस संघर्ष में फंस गए तो हमें गंभीर समस्या हो सकती है। चीन हमारी सीमा पर है और अमेरिका हमारा सहयोगी है। और वे दोनों लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इसलिए हमें बहुत सावधानी से तय करना होगा कि हम किस स्थिति में खड़े हैं।”
गौरतलब है कि राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया की जंग लगातार तेज हो रही है। ईरान की तरफ से कह दिया गया है कि होर्मुज स्ट्रेट अमेरिका और यूरोपीय जहाजों के लिए बंद है। ऐसे में वैश्विक रूप से कच्चे तेल का संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। भारत की बात करें, तो भारत ने इस क्षेत्र के अलावा ऊर्जा के विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं। सरकार की तरफ से बताया गया है कि पर्याप्त मात्रा में तेल उपलब्ध है। दूसरी तरफ, अमेरिका और इजरायल जो इस युद्ध को कुछ दिनों में खत्म करने का सोचकर आए थे, अब लंबे युद्ध में फंसते हुए नजर आ रहे हैं। खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरान बातचीत से इंतजार करता आ रहा है और अमेरिका और इजरायल भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।




साइन इन