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पाकिस्तान में खेल रहा था 'लुका-छिपी', भारत आते ही निकल गया भूत! ऐसे पकड़ा ईरानी तेल का टैंकर

भारतीय तटरक्षक बल ने मुंबई तट के पास 3 दागी ईरानी तेल टैंकरों को पकड़ा है। ये जहाज पाकिस्तान की सीमा में 'डार्क' होकर भारत में अवैध शिप-टू-शिप ईंधन की तस्करी और फर्जीवाड़े का 'काला खेल' खेल रहे थे।

Fri, 20 Feb 2026 12:42 PMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, मुंबई
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पाकिस्तान में खेल रहा था 'लुका-छिपी', भारत आते ही निकल गया भूत! ऐसे पकड़ा ईरानी तेल का टैंकर

भारतीय तटरक्षक बल द्वारा इस महीने की शुरुआत में मुंबई तट के पास जब्त किए गए अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित और ईरान से जुड़े तीन तेल टैंकरों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इनमें से एक टैंकर ने अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद करके कई दिन पाकिस्तान की समुद्री सीमा के अंदर बिताए थे।

पाकिस्तान की सीमा में 'डार्क' हुआ टैंकर

'इंडिया टुडे टीवी' की रिपोर्ट के मुताबिक, एमटी एस्फाल्ट स्टार नामक जहाज 20 जनवरी से 28 जनवरी के बीच पाकिस्तान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में संदिग्ध रूप से चक्कर लगाता पाया गया। जांचकर्ताओं के अनुसार, 28 जनवरी को यह टैंकर लगभग 11 घंटे के लिए पूरी तरह से रडार से गायब ('डार्क') हो गया था। इस दौरान इसने अपनी पहचान छिपाने के लिए अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS), वेरी हाई फ्रीक्वेंसी (VHF) रेडियो और ऑनबोर्ड सेंसर जानबूझकर बंद कर दिए थे। तटरक्षक बल ने जहाज के इस व्यवहार को 'अत्यधिक संदिग्ध' करार दिया है, जो आमतौर पर अवैध समुद्री गतिविधियों के दौरान अपनाया जाता है।

बीच समुद्र में अवैध ईंधन ट्रांसफर

मुंबई के येलो गेट पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में शहर के तट से लगा भारत का EEZ आता है। यहां FIR दर्ज की गई है। यह मामला 4 और 5 फरवरी को अरब सागर में तीन टैंकरों- एमटी एस्फाल्ट स्टार, एमटी अल जाफजिया और एमटी स्टेलर रूबी को रोके जाने से संबंधित है। अधिकारियों ने बताया कि ये जहाज भारतीय अधिकारियों को बिना कोई सूचना दिए एक-दूसरे के करीब आकर अवैध रूप से 'शिप-टू-शिप' ईंधन ट्रांसफर कर रहे थे।

जांच में यह आरोप लगाया गया है कि फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके भारत के EEZ में MT Al Jafzia को 30 मीट्रिक टन भारी ईंधन तेल और MT Stellar Ruby को 5,473 मीट्रिक टन बिटुमेन (VG-40) अवैध रूप से ट्रांसफर किया गया। पकड़ में आने से बचने के लिए तीनों जहाजों ने AIS स्पूफिंग (गलत लोकेशन दिखाना) और फर्जी पहचान डेटा का इस्तेमाल किया।

फर्जी दस्तावेजों और पहचान का इस्तेमाल

अधिकारियों ने पाया कि MT Stellar Ruby ने इससे पहले जाली 'प्रोटेक्शन एंड इंडेमनिटी' (P&I) बीमा प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल करके कर्नाटक के कारवार बंदरगाह में प्रवेश किया था। वहीं, MT Al Jafzia ने कथित तौर पर गुजरात के अलंग शिपब्रेकिंग यार्ड में प्रवेश करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया था।

तटरक्षक बल का ऑपरेशन और तलाशी

FIR के अनुसार, 4 फरवरी को तटरक्षक बल की निगरानी टीम ने अरब सागर में माली के झंडे वाले एक टैंकर को संदिग्ध हालत में देखा। रेडियो पर संपर्क किए जाने पर जहाज ने बार-बार अपनी बताई गई पहचान और डेस्टिनेशन बदली। 5 फरवरी को रात करीब 2 बजे तटरक्षक बल के जहाज ने MT Asphalt Star को रोका और सुबह 6 बजे तक टीम उस पर सवार हो गई। चालक दल ने दावा किया कि वे मंगलुरु जा रहे हैं।

जांच में सामने आया कि जहाज का AIS और VHF रेडियो गलत यात्रा डेटा प्रसारित कर रहे थे। इसके पास केवल एक अस्थायी पंजीकरण प्रमाण पत्र था (जो 30 जनवरी को माली के बामाको में जारी हुआ था) और इसके पास अनिवार्य P&I बीमा भी नहीं था।

जहाज पर 22 क्रू मेंबर सवार थे। मास्टर (कप्तान) के फोन की जांच करने पर कथित तौर पर व्हाट्सएप के जरिए विदेशी हैंडलर्स और कंपनी के अधिकारियों के साथ बातचीत का खुलासा हुआ।

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FIR और कानूनी कार्रवाई

इस FIR में तीनों जहाजों के मास्टर्स (कप्तानों), इंजीनियरों और ऑपरेटिंग फर्म 'स्टार शिपिंग मैनेजमेंट' के मालिक को नामजद किया गया है। इन सभी पर कस्टम, शिपिंग, आईटी और पेट्रोलियम कानूनों के तहत आपराधिक साजिश रचने, तस्करी करने और दस्तावेजों की जालसाजी करने के आरोप लगाए गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने की साजिश

भारत की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पश्चिमी देशों के अधिकारियों ने इन जहाजों को ईरानी तेल नेटवर्क से जोड़ा है। हालांकि, नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी ने इन जहाजों से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के एक सूत्र के अनुसार, समुद्री प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के लिए ये जहाज अक्सर अपने नाम और मालिकाना हक बदलते रहते थे- यह एक ऐसी रणनीति है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए अवैध समुद्री व्यापार में किया जाता है।