ट्रंप ने तेहरान को दिया 10 दिन का समय; अब ईरान का पलटवार- अधिकारों से कोई समझौता नहीं
मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बीच ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने कहा कि कोई भी देश इस्लामी गणराज्य ईरान को उसके परमाणु संवर्धन के अधिकार से वंचित नहीं कर सकता।

तेहरान और वाशिंगटन के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 10 दिनों का समय दिया है। उन्होंने कहा है कि समझौता कर लो, वरना बुरे परिणाम भुगतने पड़ेंगे। ट्रंप की इस चेतावनी के बीच ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने कहा कि कोई भी देश इस्लामी गणराज्य ईरान को उसके परमाणु संवर्धन (एनरिचमेंट) के अधिकार से वंचित नहीं कर सकता। तेहरान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका दो दशकों के बाद मध्य पूर्व में अपनी सबसे बड़ी सैन्य तैनाती कर रहा है।
गुरुवार को 'एतेमाद' दैनिक द्वारा जारी एक वीडियो के अनुसार, इस्लामी ने कहा कि परमाणु उद्योग का आधार संवर्धन ही है। परमाणु प्रक्रिया में जो कुछ भी करना हो, उसके लिए परमाणु ईंधन की जरूरत पड़ती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के नियमों के अनुसार चल रहा है, और कोई भी देश ईरान को इस तकनीक से शांतिपूर्ण तरीके से लाभ उठाने के अधिकार से वंचित नहीं कर सकता।
ट्रंप ने क्या कहा?
गुरुवार को उन्होंने ईरान से वाशिंगटन के साथ एक 'सार्थक समझौता' करने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर इस मध्य पूर्वी देश को 'बुरी चीजें' सहनी पड़ सकती हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सार्थक समझौता करना वर्षों से आसान नहीं रहा है। हमें एक सार्थक समझौता करना ही होगा, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ बातचीत अगले 10 दिनों में होनी चाहिए, वरना वाशिंगटन को एक कदम और आगे बढ़ना पड़ सकता है। उन्होंने बिना विस्तार दिए कहा कि अगले 10 दिनों में आपको इसका पता चल जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता। परमाणु हथियार रखने पर मध्य पूर्व में शांति नहीं हो सकती। उन्हें यह बात बहुत स्पष्ट रूप से बता दी गई है।
इससे पहले बुधवार को ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में फिर से संकेत दिया कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। उन्होंने हिंद महासागर में स्थित चागोस द्वीप समूह पर संप्रभुता छोड़ने के खिलाफ ब्रिटेन को चेतावनी दी और कहा कि यदि ईरान किसी समझौते पर सहमत नहीं होता, तो द्वीपसमूह के डिएगो गार्सिया हवाई अड्डे की जरूरत पड़ सकती है, ताकि एक अत्यंत अस्थिर और खतरनाक शासन द्वारा संभावित हमले को रोका जा सके।
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