संकट के समय हम दोनों... होर्मुज नाकेबंदी के बीच भारत के लिए बड़ी राहत, ईरानी राजदूत ने क्या कहा?
ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद होर्मुज को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि भारत के लिए एक राहत भरी खबर है। भारत के जहाजों को होर्मुज से गुजरने देने को लेकर ईरान ने सकारात्मक रुख दिखाया है।
ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद होर्मुज को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि भारत के लिए एक राहत भरी खबर है। भारत के जहाजों को होर्मुज से गुजरने देने को लेकर ईरान ने सकारात्मक रुख दिखाया है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने सोमवार को इस बारे में बयान दिया। बता दें कि फरवरी में शुरू हुए ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद से स्ट्रेट होर्मुज से ईंधन लदे जहाजों का गुजरना कम हो गया है। इस रास्ते से भारत का 40 फीसदी कच्चा तेल आता है। हालांकि कुछ जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई थी, लेकिन फिर भी ट्रैफिक पहले जैसा नहीं है।
नाकाम वार्ता पर क्या कहा
मोहम्मद फताली ने कहाकि इस्लामाबाद में हुई बातचीत के दौरान अमेरिकी की मांगें अवैध थीं। हमने घोषणा की है कि अगर वे हमारी शर्तें स्वीकार करते हैं, तो हम बातचीत के लिए तैयार हैं। साथ ही, हमने यह भी घोषणा की कि हम युद्ध के लिए तैयार हैं। हॉर्मुज को लेकर उन्होंने कहाकि यह हालात पर निर्भर करता है...ईरान अंतर्राष्ट्रीय कानून और फ्रीडम ऑफ नेविगेशन की आजादी के प्रति प्रतिबद्ध है। हमने घोषणा की कि निकट भविष्य में, हम इस प्रक्रिया को उपलब्ध कराएंगे और सभी देशों को इसकी जानकारी देंगे...
अमेरिका पर क्या बोला ईरान
बता दें कि अमेरिकी सेना द्वारा सोमवार से ईरान के सभी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की नाकाबंदी शुरू किए जाने की घोषणा के बाद तेल की कीमतें और बढ़ने तथा युद्ध के और भीषण होने की आशंका है। अमेरिका की इस घोषणा के बाद ईरान ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में स्थित बंदरगाहों को निशाना बनाने की धमकी दी है जिससे क्षेत्र में टकराव गहराने का खतरा बढ़ गया है। ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग’ (आईआरआईबी) के अनुसार, ‘फारस की खाड़ी और ओमान सागर में सुरक्षा या तो सभी के लिए होगी या किसी के लिए भी नहीं।’ ईरानी सेना ने कहा कि इस क्षेत्र का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा।
अमेरिका ने दी थी धमकी
इससे पहले, अमेरिका ने घोषणा की थी कि वह सोमवार को पूर्वी समयानुसार सुबह 10 बजे या ईरान में शाम साढ़े पांच बजे से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू करेगा। ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ (सेंटकॉम) ने कहाकि यह नाकेबंदी सभी देशों के उन पोतों के खिलाफ निष्पक्ष रूप से लागू की जाएगी जो ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश कर रहे हैं या वहां से बाहर जा रहे हैं। उसने कहा कि गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच यात्रा करने वाले जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। ये घोषणाएं पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को हुई लंबी युद्धविराम वार्ता के बिना किसी समझौते के समाप्त होने के बाद की गईं।
ट्रंप ने पोप पर भी साधा निशाना
बाद में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध संबंधी विचारों को लेकर पोप लियो 14वें पर असाधारण रूप से निशाना साधते हुए कहाकि उन्हें नहीं लगता कि पोप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और वह बहुत उदारवादी व्यक्ति हैं तथा उन्हें कट्टर वामपंथियों को खुश करना बंद कर देना चाहिए। ट्रंप ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब लियो ने सप्ताहांत में संकेत दिया था कि सर्वशक्तिमान होने का भ्रम ईरान में अमेरिका-इजराइल युद्ध को हवा दे रहा है। पोप और राष्ट्रपति के विचारों में मतभेद होना असामान्य नहीं है लेकिन किसी पोप का किसी अमेरिकी नेता की सीधे आलोचना करना असामान्य है और इसके बाद दी गई ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया भी सामान्य नहीं है।




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