indian railways decongest 76 major stations high tech amenities new passenger holding areas देश के 76 बड़े रेलवे स्टेशनों पर बनेंगे 'हाई-टेक होल्डिंग एरिया'; भीड़ से निपटने को नया मेगा प्लान, India News in Hindi - Hindustan
More

देश के 76 बड़े रेलवे स्टेशनों पर बनेंगे 'हाई-टेक होल्डिंग एरिया'; भीड़ से निपटने को नया मेगा प्लान

ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेल मंत्रालय ने देश के 76 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ से निपटने को सभी आधुनिक सुविधाओं वाले विशेष होल्डिंग एरिया बनाने की एक बड़ी योजना शुरू की है।

Sun, 29 March 2026 02:02 PMPraveen Sharma नई दिल्ली, एएनआई
share
देश के 76 बड़े रेलवे स्टेशनों पर बनेंगे 'हाई-टेक होल्डिंग एरिया'; भीड़ से निपटने को नया मेगा प्लान

ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेल मंत्रालय ने देश के 76 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ से निपटने को सभी आधुनिक सुविधाओं वाले विशेष होल्डिंग एरिया बनाने की एक बड़ी योजना शुरू की है। इन आरामदायक होल्डिंग एरिया में यात्री अपनी ट्रेनों के आने का इंतजार कर सकेंगे। इनमें यात्रियों को बैठने की व्यवस्थित व आरामदायक जगह और पीने का पानी, शौचालय, टिकट की सुविधा, जानकारी दिखाने वाले डिस्प्ले और सुरक्षा जांच जैसी जरूरी सुविधाएं होंगी, जिससे कि भीड़भाड़ वाले समय में लोगों की आवाजाही को ठीक ढंग से मैनेज किया जा सके। रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

होल्डिंग एरिया में होंगी क्या-क्या सुविधाएं

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक 'मॉडल होल्डिंग एरिया' पहले ही शुरू किया जा चुका है, जिससे भीड़भाड़ में काफी कमी आई है। यह सुविधा कई आधुनिक विशेषताओं के साथ यात्रियों की सहूलियत को बढ़ाती है, जिनमें अतिरिक्त टिकट काउंटर, ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन सूचना बोर्ड शामिल हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:वंदे भारत ट्रेन की दही में निकले कीड़े! रेलवे ने ठोक दिया 60 लाख जुर्माना

यात्रियों की सुरक्षा और आराम सुनिश्चित करने के लिए इन होल्डिंग एरिया में सीसीटीवी से निगरानी, ​​सामान स्कैनर्स, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर्स, निर्बाध बिजली आपूर्ति, बेहतर रोशनी, हाई स्पीड पंखे और आग बुझाने के सिस्टम भी लगाए गए हैं। इसके अलावा पीने का पानी और पुरुषों, महिलाओं तथा दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग टॉयलेट भी शामिल हैं।

कन्फर्म टिकट से सीधे प्लैटफॉर्म पर जाने की अनुमति

इसी तरह के इंतजाम दूसरे स्टेशनों पर भी योजना और क्रियान्वयन के अलग-अलग चरणों में हैं, जिनकी समय-सीमा में जरूरत के हिसाब से बदलाव किए जा सकते हैं। एक नए एक्सेस कंट्रोल प्रोटोकॉल के तहत जिन यात्रियों के पास कन्फर्म रिजर्वेशन वाले टिकट होंगे, उन्हें सीधे प्लैटफॉर्म पर जाने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा, जिन यात्रियों के पास टिकट नहीं होगा या जिनके पास वेटिंग लिस्ट का टिकट होगा, उन्हें बाहर बने होल्डिंग एरिया में तब तक रोका जाएगा, जब तक उनके यात्रा की स्थिति की पुष्टि नहीं हो जाती या प्लैटफॉर्म पर जगह खाली नहीं हो जाती।

सभी स्टेशनों पर चौड़े फुटओवर ब्रिज बनेंगे

इसके अलावा आगे सुधारों में सभी स्टेशनों पर 12 मीटर (40 फीट) और 6 मीटर (20 फीट) चौड़े फुटओवर ब्रिज बनाना भी शामिल है, जिससे लोगों की आवाजाही और भी आसान हो सके। स्टेशनों और आस-पास के इलाकों में बड़ी संख्या में एआई वाले सीसीटीवी कैमरे लगाकर सुरक्षा को और भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि भीड़ की रियल-टाइम निगरानी और उसका प्रबंधन किया जा सके।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ट्रेन टिकट कैंसिल करने का नया नियम होगा लागू, जान लें ये जरूरी बात

बड़े स्टेशनों पर बनाए जा रहे ‘वॉर रूम’

कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए बड़े स्टेशनों पर ‘वॉर रूम’ भी बनाए जा रहे हैं, जहां सभी विभागों के अधिकारी आपस में तालमेल बिठाकर काम करेंगे। नई जेनरेशन के डिजिटल संचार उपकरणों जैसे- उन्नत वॉकी-टॉकी और अनाउंसमेंट सिस्टम की शुरुआत से इसे सपोर्ट मिला है।

नए आईडी कार्ड और नई यूनिफॉर्म मिलेंगी

इसके अलावा, सभी कर्मचारियों और सेवा कर्मियों को सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नए डिजाइन वाले QR बेस्ड आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे। साथ ही संकट की स्थिति में आसानी से पहचान के लिए उन्हें नई यूनिफॉर्म भी दी जाएगी।

सभी प्रमुख स्टेशनों पर होंगे 'स्टेशन डायरेक्टर'

वहीं, एक बड़े प्रशासनिक बदलाव के तहत सभी प्रमुख स्टेशनों पर 'स्टेशन डायरेक्टर' के पद को अपग्रेड किया जा रहा है। इन वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर ही निर्णय लेने के लिए वित्तीय अधिकार दिए जाएंगे और वे एक एकीकृत कमान का नेतृत्व करेंगे, जिसके तहत अन्य सभी विभाग सीधे उन्हें रिपोर्ट करेंगे। स्टेशन डायरेक्टरों को स्टेशन की क्षमता और उपलब्ध रेल सेवाओं के आधार पर टिकटों की बिक्री को रेगुलेट करने का अधिकार भी दिया जाएगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:RAC रह गया ट्रेन टिकट तो मिल सकता है रिफंड, संसदीय समिति ने की है सिफारिश