Indian Railway New RAC Ticket Refund Rules Rail Ticket Refund: RAC रह गया ट्रेन टिकट तो मिल सकता है रिफंड, संसदीय समिति ने की है सिफारिश, India News in Hindi - Hindustan
More

Rail Ticket Refund: RAC रह गया ट्रेन टिकट तो मिल सकता है रिफंड, संसदीय समिति ने की है सिफारिश

समिति का तर्क है कि जब यात्री आधी सीट पर सफर करने को मजबूर है तो उसे सर्विस भी आधी ही मिल रही है, इसलिए भुगतान भी उसी अनुपात में होना चाहिए। यह सिफारिश अगर लागू होती है तो यह रेलवे के दशकों पुराने किराये ढांचे में एक बड़ा बदलाव होगा।

Fri, 6 Feb 2026 01:53 PMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
share
Rail Ticket Refund: RAC रह गया ट्रेन टिकट तो मिल सकता है रिफंड, संसदीय समिति ने की है सिफारिश

Indian Railway RAC Ticket Refund Rules: भारतीय रेलवे में सफर करने वाले लाखों यात्रियों को आने वाले समय में एक बड़ी राहत मिल सकती है। संसद की एक शक्तिशाली समिति ने रेल मंत्रालय को सुझाव दिया है कि आरएसी (RAC) टिकट पर यात्रा करने वाले वैसे यात्रियों को किराये का कुछ हिस्सा वापस करना चाहिए जिन्हें पूरा किराया देने के बावजूद ट्रेन में पूरी बर्थ नहीं मिल पाती है। संसद में 4 फरवरी को पेश की गई लोक लेखा समिति (PAC) की रिपोर्ट ‘भारतीय रेलवे में ट्रेनों के संचालन की समयबद्धता और यात्रा समय’ में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है।

वर्तमान नियमों के अनुसार, आरएसी श्रेणी के यात्रियों को कंफर्म टिकट के बराबर ही पूरा किराया देना पड़ता है, लेकिन यात्रा के दौरान उन्हें केवल बैठने के लिए आधी सीट (बर्थ) ही मिलती है। समिति ने इस व्यवस्था पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि बिना बर्थ सुविधा के पूरा किराया वसूलना न्यायोचित नहीं है।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा, "समिति का मानना है कि चार्ट तैयार होने के बाद भी यदि यात्री आरएसी श्रेणी में ही रहता है और उसे पूरी बर्थ नहीं मिलती है तो उससे पूरा किराया लेना गलत है। मंत्रालय को एक ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए जिससे ऐसे यात्रियों को किराये का आंशिक हिस्सा वापस मिल सके।"

फिलहाल, आईआरसीटीसी (IRCTC) के नियमों के मुताबिक यदि आरएसी ई-टिकट को ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक कैंसिल नहीं किया जाता या ऑनलाइन टीडीआर (TDR) फाइल नहीं की जाती। ऐसे में कोई रिफंड नहीं मिलता है।

समिति का तर्क है कि जब यात्री आधी सीट पर सफर करने को मजबूर है तो उसे सर्विस भी आधी ही मिल रही है, इसलिए भुगतान भी उसी अनुपात में होना चाहिए। यह सिफारिश अगर लागू होती है तो यह रेलवे के दशकों पुराने किराये ढांचे में एक बड़ा बदलाव होगा।

इन 13 ट्रेनों में RAC पर पाबंदी

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि रेलवे ने इस साल की शुरुआत से आरएसी नियमों में कुछ कड़े बदलाव किए हैं। अब वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी 13 आधुनिक ट्रेनों में आरएसी टिकट धारकों को बोर्डिंग यानी ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इन ट्रेनों में केवल कंफर्म टिकट वाले यात्री ही सफर कर सकते हैं।

गुवाहाटी (कामाख्या)-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस

डिब्रूगढ़-लखनऊ (गोमती नगर) अमृत भारत एक्सप्रेस

न्यू जलपाईगुड़ी-नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस

न्यू जलपाईगुड़ी-तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस

अलीपुरद्वार - एसएमवीटी बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस

अलीपुरद्वार-मुंबई (पनवेल) अमृत भारत एक्सप्रेस

कोलकाता (संतरागाछी) - ताम्बरम अमृत भारत एक्सप्रेस

कोलकाता (हावड़ा)-आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस

कोलकाता (सियालदह)-बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस

तिरुवनंतपुरम सेंट्रल-तांबरम अमृत भारत एक्सप्रेस

तिरुवनंतपुरम उत्तर-चार्लापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस

नागरकोइल जंक्शन-मंगलुरु जंक्शन अमृत भारत एक्सप्रेस

संसदीय समिति की सिफारिश के बाद अब गेंद रेल मंत्रालय के पाले में है। मंत्रालय को अब यह तय करना है कि वह इस पार्शियल रिफंड की गणना कैसे करेगा और इसे यात्रियों के खातों में डिजिटल रूप से वापस भेजने के लिए अपने सॉफ्टवेयर (CRIS/IRCTC) में क्या बदलाव करेगा।